फिर सुलगा बंगाल.. भाटपाड़ा में घर छोड़कर भागे कई परिवार.. इलाके में आम लोगों से ज्यादा फ़ोर्स उतारी गई

लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शासित बंगाल में हिंसा की जो आग शुरू हुई थी वो थमती हुई नजर नहीं आ रही है बल्कि चुनाव परिणामों के बाद इसमें और अधिक तेजी आई है. लोकसभा चुनाव के बाद से राज्य के कई हिस्सों में राजनैतिक हिंसा में लोगों की जानें भी गई हैं, जिसमें अधिकतर बीजेपी कार्यकर्ता हैं. बीजेपी का आरोप है लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सफलता के बाद टीएमसी कार्यकर्ता बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए जानलेवा हमले कर रहे हैं.

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इस समय पश्चिम बंगाल का उत्तर 24 परगना जिला हिंसा की आग में सुलग रहा है, जहाँ भाटपाड़ा में बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. हिंसा के चलते भाटपाड़ा और काकिनाड़ा में कई लोग घर छोड़कर पलायन कर गए हैं. एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और भारी तादाद में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है. हिंसा के विरोध में भाजपा ने जुलूस निकाला और दोनों मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता देने का एलान किया है.

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बता दें कि सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा से संबद्ध दो गुटों के बीच बृहस्पतिवार को हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी और 11 घायल हो गए थे. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसा के मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. शुक्रवार को भी भाटपाड़ा और काकिनाड़ा में सन्नाटा छाया रहा. दुकानें, बाजार और दफ्तर बंद रहे. भाजपा ने राज्य प्रशासन पर टीएमसी के कार्यकर्ताओं की तरह काम करने का आरोप लगाया है.

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