एक ऐसा कॉलेज जहाँ भगत सिंह की जयन्ती मनाना माना गया अपराध और कहर गिरा एक देशभक्त छात्रा पर

क्या आप सोच भी सकते हैं कि आजाद हिंदुस्तान के एक कॉलेज में हिन्दुस्तान के युवाओं की सबसे बड़ी प्रेरणा, आजादी के आन्दोलन के सच्चे कर्मवीर तथा चरखे के बजाय फांसी के फंदे पर झूलकर भारतमाता को अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने वाले सरदार भगत सिंह की जयन्ती मानना भी अपराध माना जाये तथा अगर कॉलेज का कोई छात्र या छात्रा कैंपस में सरदार भगत सिंह की जयन्ती मनाता है तो उसको सस्पेंड कर दिया जाए? आखिरे ये कौन सी सोच है जो एक छात्रा को कॉलेज से इसलिए निलंबित कर देती है क्योंकि उसने आपने सथियों के साथ भगत सिंह की जयन्ती मनाई थी.

मामला तमिलनाडु के कोयंबतूर के गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज का है जहाँ एक छात्रा मालती को भगत सिंह की जयन्ती मनाना भारी पड़ गया. उसे स्कूल प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है. बताया जा रहा है कि इतिहास के फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट मालती ने 28 सितंबर को भगत सिंह की जयंती मनाई थी, जिसके बाद उसके खिलाफ एक्शन लिया गया. कॉलेज का आरोप है कि उसने हेड ऑफ द डिपार्टमेंट की परमिशन के बिना कॉलेज कैंपस में भगत सिंह की जयंती पर कार्यक्रम रखा. छात्रा के मुताबिक, जब प्रिंसिपल से परमिशन मांगी गई, तो उन्होंने मना कर दिया और विभागीय स्तर पर बात करने को कहा. उसके बाद एचओडी की छुट्टी होने पर मालती के नेतृत्व में छात्रों ने ट्यूटर से परमिशन मांगी थी.

कॉलेज प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता मानकर मालती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। छात्रा को भेजे गए सस्पेंशन लेटर में कहा गया है, “अनुमति नहीं देने के बाद, मालती ने दूसरे विभाग के छात्रों के साथ बैठक की और इससे कॉलेज कैंपस में शांति भंग हुई है. लिहाजा, उन्हें कॉलेज से निकाला जाता है. अब इस मामले में 22 अक्टूबर को मालती से पूछताछ की जाएगी। फिर फैसला लिया जाएगा कि उसका सस्पेंशन वापस लिया जाए या नहीं। मालती ने पूरे मामले को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है तथा कहा है कि राष्ट्रनायक की जयन्ती मनाना अपराध कैसे हो सकता है.

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