भारत का एक ऐसा प्रदेश जिसमें अगर किसी ने भी किसी के धर्मग्रन्थ को अपमानित किया तो होगी आजीवन कारावास की सजा

देश के एक प्रदेश में ऐसा कानून बनाया गया है जिसके तहत किसी भी धर्मग्रन्थ का अपमान किया गया तो उम्रकैद की सजा हो सकती है. जी हां, ये कानून पास हुआ है पंजाब राज्य में. खबर के मुताबिक़, पंजाब सरकार की कैबिनेट ने धार्मिक ग्रंथों का अनादर करने के दोषियों के लिए उम्रकैद की सजा का प्रावधान करने के उद्देश्य से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संशोधनों का प्रस्ताव करने वाले विधेयक के मसौदे को मंगलवार को मंजूरी दी. इस संबंध में सीएम अमरिंदर सिंह ने मीडियाकर्मियों को भी जानकारी दी.

राज्य सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने राज्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने और सांप्रदायिक सद्भाव कायम रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में यह फैसला किया गया. प्रवक्ता ने बताया, “कैबिनेट ने आईपीसी में धारा 295एए जोड़ने को मंजूरी दी है ताकि यह प्रावधान हो सके कि लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने की मंशा से श्री गुरू ग्रंथ साहिब, श्रीमद्भगवत गीता, कुरान और बाइबल को ठेस या नुकसान पहुंचाने वाले या अनादर करने वाले को उम्रकैद की सजा मिल सके.” कैबिनेट ने 14वीं विधानसभा के 12वें सत्र में पारित हो चुके सीआरपीसी (पंजाब संशोधन) विधेयक-2016 और आईपीसी (पंजाब संशोधन) विधेयक- 2016 को वापस लेने की मंजूरी दी है. कैबिनेट ने पंजाब विधानसभा के आगामी सत्र में सीआरपीसी (पंजाब संशोधन) विधेयक-2018 और आईपीसी (पंजाब संशोधन) विधेयक- 2018 को पेश करने की मंजूरी दी है. कैबिनेट ने कई अन्य विधेयकों को विधानसभा के आगामी सत्र में सदन में पेश करने की भी मंजूरी दे दी है.

बता दें कि अभी तक पंजाब में सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरुग्रंथ साहिब के अनादर पर उम्रकैद की सजा का प्रावधान था. बाद में केंद्र सरकार ने संशोधन पर ऐतराज जताते हुए राज्य सरकार से कहा था कि उम्रकैद की सजा किसी एक धर्म के पवित्र ग्रंथ के अपमान तक ही सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसे हर धर्म के ग्रंथों के अपमान के मामले में लागू किया जाना चाहिए. पंजाब में हाल के वर्षों में धार्मिक ग्रंथों के अनादर की कुछ घटनाएं हुई हैं और पिछले साल विधानसभा चुनावों में यह चुनावी मुद्दा बना था तथा अब पंजाब में इसे लेकर कानून बन गया है.

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