#Congress के प्रत्याशी के खिलाफ केस दर्ज किया था उस जांबाज पुलिस अधिकारी ने… जानिए फिर क्या और कैसे की गयी उसकी दुर्दशा?

वो पंजाब पुलिस में थाने का SHO था. वो वही कर रहा था जो उसको करना चाहिए था. उसने पूरी इमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी की तथा शिकायत मिलने पर अवैध करने वाले तथा शाहकोट उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. एक खनन माफिया के खिलाफ साहसिक कार्यवाही करने वाले पुलिस अफसर को जहाँ प्रोत्साहन करना चाहिए था लेकिन वो खनन माफिया सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का उपचुनाव में प्रत्याशी था, इसलिए पंजाब पुलिस के उस जवान को इनाम नहीं बल्कि सजा मिली तथा उनको जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया लेकिन अब SHO स्वयं मीडिया के सामने आये हैं तथा उन्होंने सारी आपबीती सुनाई है.

शाहकोट उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया पर अवैध खनन का मामला दर्ज करने वाले एसएचओ परमिंदर सिंह ने एसएसपी जालंधर देहाती गुरप्रीत सिंह के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मीडिया के सामने कहा था कि एसएचओ ने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि छुट्टी ली है. परमिंदर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया के खिलाफ अवैध माइनिंग का मामला बिल्कुल सही है. मामला दर्ज करने का ही नतीजा था कि पुलिस व सरकारी तंत्र ने मुझ पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. मेरा इस्तीफा रद कर जबरदस्ती एप्लीकेशन लिखवा ली और पांच दिन की छुट्टी पर भेज दिया.’

SHO परमिंदर ने कहा कि मामला दर्ज होने के बाद उनके निजी जीवन में हस्तक्षेप किया गया और होटल रेडीसन के सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज सार्वजनिक की गई. परमिंदर ने कहा, ‘सीएम ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेस कर मेरी महिला मित्र के बारे में गलत कहा. क्या वे खुद महिला मित्र के साथ नहीं घूमते. उनकी तो कई वीडियो सामने आ चुकी हैं. एसएचओ ने कहा, ‘शेरोवालिया शराब ठेकेदारों, तहसीलदारों, पुलिस वालों से महीना मांगते हैं. जब मुझसे भी मांगा गया, तो मैंने देने से इन्कार कर दिया. मैंने एसएसपी को कहा था कि मैं शेरोवालिया के दबाव में नहीं आ सकता इसलिए मेरी बदली कर दी जाए. चीफ इलेक्शन कमिश्नर के कहने पर मुझे मेहतपुर थाने में तैनात किया गया था.’

परमिंदर ने बताया कि ज्वाइनिंग की रात करीब 11 बजे उसके पास अवैध खनन की शिकायत आ गई थी. इसके बाद आला अधिकारियों से बात की, तो उन्होंने माइनिंग अफसर से बात करने को कहा. इसके बाद वे रेडीसन में आकर ठहरे और सुबह साढ़े चार बजे तक भी कोई आदेश न होने पर मुंशी को शेरोवालिया के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा. शेरोवालिया की वीडियो वायरल हो गई थी, इसलिए जांच की जरूरत नहीं थी. एफआइआर में लिखा गया था कि यदि आरोप सही पाए गए तो ही चालान पेश होगा वरना मामला रद किया जा सकता है. कांग्रेस ने बिना वजह मामले को तूल दिया और अब कैप्टन भी शेरोवालिया को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि शेरोवालिया ने दस करोड़ में टिकट खरीदी है.

उन्होंने कहा, ‘डीएसपी शाहकोट दिलबाग सिंह भी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कांग्रेस व अकाली दल के कई नेता हमारा इस्तेमाल करते हैं और खुद भ्रष्टाचार में शामिल हैं. एचएचओ ने खुद को जान का खतरा बताते हुए कहा, ‘मेरे गनमैन व सरकारी हथियार वापस ले लिए गए हैं.  इसकी शिकायत थाना बारादरी के प्रभारी से भी की थी कि एक पत्रकार धमकियां दे रहा है, लेकिन बात नहीं सुनी गई. सारे आला अधिकारियों को मैंने गैंगस्टरों के बारे में कई बार जानकारी दी, लेकिन उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. अब एक माइनिंग मामले में कार्रवाई की तो अपना विभाग ही खिलाफ हो गया. SHO का कहना है पंजाब में पुलिस को सत्ताधारी पार्टी के लोग निष्पक्षता से काम नहीं करने दे रहे है और जब मैंने दवाब में आने से इनकार कर दिया तो मुझे ये सजा दी गयी है.

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