राशिद को मारने आये रहमान ने ओम को भी मार डाला

कोई गलती नहीं थी ओम की . वो तो ठीक से जानता भी नही था रहमान को . फिर भी रहमान के रास्ते में जो भी आया रहमान ने उसे मार डाला.

घटना ना पाकितान की है , ना ही इराक की . ये घटना भोपाल की है जो भारत के बीचो बीच मध्य प्रदेश की राजधानी है . यहाँ इकबाल मैदान क्षेत्र में मोती मस्जिद इलाका है जहाँ राशिद का मेडिकल स्टोर चलता है. रशीद की ही दूकान पर ओम अपना पेट पालने के लिए नौकरी करता था . व्यापारी होने के नाते राशिद का लेन देन तमाम लोगों के साथ था जिसमे से एक था वो हत्यारा रहमान .

रहमान और राशिद का हिसाब किताब बहुत ज्यादा नहीं था . पैसे थे केवल 2500 , इतना पैसा किसी भी हालत में इतना नहीं माना जा सकता जिसके लिए रहमान 2 लोगों की जान ले लेता जिसमे एक था ओम. रहमान और राशिद के लेन देन का विवाद जब हद से ज्यादा विवादित हो गया तब रहमान ने फैसला किया राशिद को मार डालने का और उसने दूकान में बन्दूक ले कर घुस कर अपने अपराध को अंजाम भी दिया .


राशिद के सीने को 2 गोलियों से छलनी करने के बाद रहमान वहां से जाने लगा तो ओम अपने मालिक राशिद के हत्यारे को पकड़ने दौड़ा जो सर पर खून सवार रहमान को बिलकुल भी रास नहीं आया और उसने ओम को भी गोलीयों से भून दिया. राशिद और ओम दोनों काफी देर तक वहां सड़क पर पड़े रहे और खून से भीगे सड़क पर छटपटाते रहे पर मौके पर किसी ने उनकी मदद नहीं की और जब तक ओम अस्पताल पहुचता तब तक उसके प्राण निकल चुके थे . 


रहमान को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है . राशिद की स्वामी भक्ति में जान देने वाले ओम का शव पोस्टमार्टम के उपरान्त उनके परिजनों को सौप दिया गया है . पुलिस मामले की पूरी विवेचना कर रही है . 

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