चेन्नई हाईकोर्ट के फैसले पर तेवर दिखा रहे लोग राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को ध्यान से पढ़ें

जयपुर : पूरे भारत में केंद्र सरकार द्वारा गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट ने गौहत्या पर अहम टिप्पणी की है। राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए और गौहत्या करने पर उम्र कैद की सजा दी जाए। बहुचर्चित हिंगोनिया गौशाला मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। 
गौशाला मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस महेश चन्द्र शर्मा में कहा कि गाय को एक लीगल एंटिटी घोषित करवाने के लिए राज्य सरकार को कहा है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए प्रयास करें। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड में गंगा को सजीव मानव का दर्जा दिया गया है उसी तरह गाय तो एक जीवित पशु है जिसके दूध से लेकर हर तरह के प्रोडक्ट्स लोगों के जीवनदायी है। 
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने एसीबी और एडीजी को हर तीन महीने में गौशाला को लेकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं और यूडीएच सचिव और निगम आयुक्त संबंधित अफसरों को महीने में एक बार गौशाला का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग से भी कहा गया है कि गौशालाओं में हर साल 5 हजार पेड़ लगाएं जाए। 
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