जनता का नरसंहार करने के लिए गोलियां बरसा रहे थे गौहत्यारे.. गाय ने वो गोलियां खुद पर झेलीं और बचाई लोगों की जान लेकिन खुद न बच सकी

जिस तरह से मॉब लिंचिंग की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से देश के तमाम राजनेताओं तथा तथाकथित बुद्धिजीवियों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से गोतस्करी का समर्थन किया जा रहा है तथा उल्टे गौरक्षकों को ही दोषी ठहराने की कोशिश की जा रही है उससे गौतस्करों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, यही कारण है कि देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार गौतस्करी की खबरें सामने आ रही हैं. गौतस्करों के बढ़ते हौसलों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह गोतस्करी तो कर ही रहे हैं, साथ ही गौरक्षकों पर भी जानलेवा हमले कर रहे हैं. इसी की बानगी राजस्थान के भरतपुर में देखने को मिली जब गौतस्करों ने उन्हें रोकने का प्रयास कर रहे ग्रामीणों पर भयंकर गोलीबारी कर दी.

खबर के मुताबिक़, राजस्थान के भरतपुर में कई गाय एक पिकअप गाड़ी में भरकर ले जाई जा रही थीं. जब स्थानीय लोगों ने तस्करों का विरोध किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. जिसमें कई लोग बाल-बाल बच गए. घटना भरतपुर जिले के कामा कस्बे की है. बताया गया है कि मंगलवार की सुबह सवेरे विमल कुंड के पास कुछ गाय बैठी थीं. तभी गो तस्कर एक पिकअप गाड़ी लेकर वहां पहुंचे और जबरन गायों को गाड़ी में भरना शुरू कर दिया. इस बात की भनक लगते ही स्थानीय लोग भी वहां इकट्ठा होकर पहुंच गए और गो तस्करों का विरोध शुरू कर दिया. इस बीच खुद घिरता देख गो तस्करों ने ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे लोगों में भगदड़ मच गयी. गोतस्कर ग्रामीणों पर लगातार फायरिंग करते रहे तथा भगदड़ के बीच तस्कर करीब आधा दर्जन गोवंश को ले जाने में सफल रहे.

जब गोतस्कर ग्रामीणों पर गोलीबारी कर रहे थे. तभी एक गाय ग्रामीणों के सामने आकर खड़ी हो गयी, जिसके कारण गोतस्करों की बन्दूक से निकली गोलियां गाय को लग गयी. इस गोलीबारी में ग्रामीणों की जान तो बच गयी लेकिन गाय की मौत हो गई. गो तस्करी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस के लगातार समझाने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ तथा उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस गोतस्करी के खिलाफ पूरी सतर्कता नहीं बरत रही है. इसके बाद पुलिस ने कहा कि वह गौह्त्या के खिलाफ सघन अभियान चलायेगी तथा पुलिस ने इसमें ग्रामीणों से भी सहयोग की मांग की.

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