एक और गाँव का बहिष्कार हुआ जिससे किसी तरह का रिश्ता न रखने की खाई गई कसम… दोषी है मुबारिक

वीरभूमि राजस्थान के भरतपुर जिले के गामड़ी गाँव का पूरी पंचायत सहित आसपास के ४० गाँव के लोगों ने बहिष्कार कर दिया है कारण गामड़ी गाँव के कुछ युवकों ने दुसरे गाँव की एक युवती का अपहरण किया तथा उसके बाद दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. गामडी गाँव के बहिष्कार का यह निर्णय मंगलवार को पथवारी गांव में हुई पंचायत में पंचों ने लिया. जानकारी के अनुसार पथवारी गांव के फोटोग्राफर सहाबुद्दीन की बेटी अंजारा निमली तहसील बागौर जिला अलवर के एक मदरसे में शिक्षिका का कार्य करती थी. वह 15 जुलाई को कामां से निमली जा रही थी, तभी रास्ते में अंजान जगह पर मुबारिक पुत्र सकूर और इरफान पुत्र साहब खान व अन्य ने मिलकर उसका अपहरण कर लिया.

सहाबुद्दीन ने मदरसे में फोन कर बेटी के पहुंचने की जानकारी ली तो पता चला कि वह तो वहां पहुंची ही नहीं है. इस पर वहां छानबीन की गई तो पता चला आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया है. इसपर मुबारिक के चाचा रफी को घटना बताई. रफीक ने पुलिस में रिपोर्ट नहीं कराने की बात कह लड़की देने की बात कही. इसके बाद लड़की नहीं आई तो एक एक कर चार पंचायत हुई पर हर बार अंजारा के पिता को आश्वासन मिला. मंगलवार को पांचवीं पंचायत हुई. इधर, पंचायत की जानकारी मिलने पर पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती उससे पहले ही पंचायत खत्म हो चुकी थी तथा गामड़ी गाँव का पूरी तरह से बहिष्कार का निर्णय लिया ला चुका था.

जानकारी के अनुसार पथवारी गांव की अपह्त लड़की जब गांव में नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने मंगलवार को महापंचायत बुलाई. खेड़ली गुमानी निवासी सूबेदार ने इसकी अध्यक्षता की. पंचायत में नौनेरा, परेही, खेरली गुमानी, पथवारी, लोहागढ़, सतवास, जुरहेरा, उन्चेड़ा और नौगांवा के साथ ही अन्य गांवों के लोग शामिल थे. दिन में करीब 11 बजे शुरू हुई पंचायत शाम को 6 बजे तक चली. इस बार पंचायत में राजस्थान के साथ ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भी करीब 40 गांवों के लोग शामिल हुए. पंचायत में शाम होते-होते लड़की नहीं पहुंचाने की एवज में गामड़ी गांव का बहिष्कार करने का निर्णय ले लिया गया. 

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