UP के बाद अब राजस्थान के स्कूलों का भयावह सच… कई बच्चों को बना दिया गया मुसलमान, सीख रहे नमाज पढ़ना… अध्यापक का नाम अल्ताफ


हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक ऐसी खबर सामने आयी जिसने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया. खबर थी कि उत्तर प्रदेश के कई प्राथमिक स्कूलों का इस्लामीकरण किया जा चुका था, प्राथमिक विद्यालय को इस्लामिया विद्यालय नाम दिया जा चुका था, रविवार की बजाय जुम्मे के दिन शुक्रवार को छुट्टी होने लगी लगी थी,  हिंदी के बजाय उर्दू पढ़ाई जाने लगी थी.. आश्चर्य की बात तो ये है कि ये पिछले कई वर्षों से हो रहा था लेकिन उत्तर प्रदेश के सत्ताधीशों को इसकी भनक तक नहीं थी. वो तो भला हो योगी सरकार का कि समय रहते इसका भंडाफोड़ हो गया. लेकिन आपको बता दें कि स्कूलों के इस्लामीकरण का ये मामला सिर्फ उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है बल्कि उत्तर प्रदेश से भी भयावह दृश्य वीरभूमि राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आया है जहाँ स्कूल में न सिर्फ बच्चों से नमाज पढ़वाई जा रही थी बल्कि उनका धर्मान्तरण भी किया जा रहा था.

खबर के मुताबिक़, राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक शिक्षक अल्ताफ बच्चों का धर्म परिवर्तन करा रहा था. अल्ताफ को जिम्मेदारी दी गई थी बच्चों को सही राह दिखाने की, उन्हें शिक्षित करने की लेकिन वो ये सब भूल बच्चों को एक विशेष धर्म अर्थात इस्लाम अपनाने के लिए उकसा रहा था. वो छात्रों का धर्म परिवर्तन कराने में लगा था. जयपुर के आमेर तहसील के नांगल पुरोहितान, श्रीगोविंदपुरा और मानपुरा माचेड़ी के सरकारी स्कूल में शिक्षक अलताफ हुसैन बच्चों को धर्म परिवर्तन की शिक्षा देता था और उनसे जबरन नमाज पढ़वाता था. इसकी जानकारी उस वक्त मिली जब बच्चें घर में इस्लामिक धर्म की गतिविधियां करने लगे. जिसके बाद बच्चों के परिजनों ने उनसे बात की और बच्चों ने अपने टीचर अलताफ हुसैन का नाम बताया. अलताफ बच्चों को नमाज पढ़वाने के लिए मस्जिद ले जाया करता था. बच्चों के मुताबिक, अलताफ उनसे कुरान पढ़वाता था और हमेशा इस्लाम धर्म के बारे में ही बाते करता था. अलताफ केवल स्कूल ही नहीं बल्कि स्कूल के बाद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के नाम पर भी इस्लाम धर्म की शिक्षा दे रहा था और इस्लाम धर्म की तरफ बच्चों को आकर्षित करने का काम कर रहा था. इस घटना के सामने आने के बाद से ही अलताफ हुसैन फरार है.

मामला सामने आने के बाद पुलिस अलताफ की खोजबीन में लग गई है, साथ ही वो अन्य स्कूलों में भी जांच-पड़ताल कर रही है कि कहीं अन्य स्कूलों में तो इस तरह की गतिविधियां नहीं हो रही हैं. सरकारी स्कूल में बच्चों को इस्लामी शिक्षा दिए जाने के बाद हिन्दू संगठन आक्रोशित हो उठे तथा इसका विरोध करते हुए कहा की इस प्रकार की घटनाएं सरकारी विद्यालय में नहीं होने देंगे. इस मामले को दिल्ली तक लेकर जाएंगे कि जहां केंद्र और राज्य सरकारें देश में सौहार्द की भावना बनाए रखने के लिए कार्य कर रही हैं, वहीं देश में अल्ताफ जैसे लोग शिक्षक बनकर देश में इस्लामीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं.


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