नबिया और रमज़ान को लोग गरीब मान कर दया दिखाते थे. पर वो तो निकले पाकिस्तानी जासूस…


देशद्रोही और पाकिस्तानी जासूसों के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसे जानकर आप दंग रहे जाएंगे। ये जासूस हिंदुस्तान में रह कर पाकिस्तानी सिमकार्ड का इस्तेमाल करके भारतीय सेना का सीक्रेट प्लान सीमा पार पाकिस्तान को पहुंचाते थे। ये खुलासा एक निजी चैनल ने किया है। इस चैनल ने अपनी पड़ताल में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं और पता लगाया है कि देश के दुश्मनों का सीक्रेट कोड वर्ड क्या है। 
आपको बता दें कि राजस्थान के जैसलमेर जिले के एक गांव कुरिया बेरी के रमज़ान खां और नबिया खां के गरीब होने पर लोगों ने उनपर दया दिखाई और उन लोगों की दरियादिली का नाजायज फायदा उठाकर महज चंद रुपयों की खातिर अपना जमीर बेच दिया और कुछ रुपयों के लिए भारतीय सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान में बैठे देश के दुश्मनों को देने लगे। 
पाकिस्तान की सरहद के बेहद करीब कुरिया बेरी नाम के इस गांव में आपको सिर्फ कच्चे मकान और झोंपड़ी नजर आएंगे। इस गांव में पाकिस्तानी जासूसों का जमावड़ा भरा हुआ है 400 से 500 लोगों की आबादी वाला ये गांव बदनाम हो चुका है। पाकिस्तान भारत की छोटी सी छोटी जानकारी पाने के लिए हर हथकड़े अपनाता है और पानी की तरह पैसा बहाता है। 
ऐसे में मोटी रकम लेकर देश के गद्दार पाकिस्तानी सीक्रेट एजेंट्स को कई बेहद संवेदनशील जानकारियां मुहैया कराते थे। राजस्थान का यह गांव कुछ दिन पहले ही सुर्खियों में आया था जब सुरक्षा एजेंसियों ने 2 देशद्रोही रमज़ान खां और नबिया खां को भारत की जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सुरक्षा एजेंसियों को इनके पास से पाकिस्तानी सिम कार्ड भी मिले थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियां इनकी बातचीत को टैप न कर सकें। 

सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share