मौलाना रशादी के कृत्यों से हैरान है भारत…. दर्ज हुआ एक और मुकदमा

कहते हैं रिश्ते विश्वास पर बनते हैं, और विश्वास पर ही सदा कायम रहते हैं। लेकिन यहां एक मामला ऐसा आया हैं जिसने रिश्ते शब्द को शर्मशार कर दिया हैं।

आपको बता दे कि उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी की बहू फौजिया के शव के पोस्टमार्टम से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। पोस्टमार्टम करने

वाले चिकित्सकों का कहना है कि लाश काफी दिनों तक कब्र में होने की वजह से क्षतविक्षित हो गई थी।
डाक्टरों ने उसका बिसरा सुरक्षित करते हुए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच कराने को कहा है।

फौजिया के घर वालों की तरफ से घटना के समय के लिए गए

कुछ फोटो पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। जिसमें फौजिया के शरीर पर कई जगहों पर चोट के निशान दिख रहे हैं। डाक्टरों ने फौजिया के चोटिल अंगों का भी

सेंपल लिया है।
बता दें कि सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी हामीद संजरी ने 22 नवंबर को शहर कोतवाली में साजिश के तहत हत्या और सबूत नष्ट करने की रिपोर्ट

दर्ज कराई। इसमें उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी, उनके भाई हसन अम्मार सहित तीन लोगों को आरोपित किया है।
हामीद संजरी का आरोप है कि आरोपीगण ने नौ नवंबर को अपनी बहू फौजिया की हत्या की और सबूत नष्ट करते हुए शव को कब्र में दफना दिया।

आरोपियों का

कहना था कि फौजिया की मौत करेंट लगने से हुई है। हामीद संजरी का आरोप है कि फौजिया उसकी साली थी। जिस समय उसकी मौत हुई वह घर पर नहीं

थे।घर आने के बाद फौजिया की मौत के विषय में पूछताछ की। घटना के समय के लिए गए फोटोग्राफ्स देखने के बाद साफ लग रहा कि फौजिया की मौत करेंट

लगने से नहीं बल्कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने हामीद संजरी की तहरीर पर केस दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू करते हुए फौजिया की लाश का पोस्टमार्टम

कराने की अनुमति मांगी। साथ ही मजिस्ट्रेट की तैनाती की बात कही।

डीएम चंद्रभूषण सिंह ने एसडीएम सदर को मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया।
सोमवार को एसडीएम सदर के नेतृत्व में शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह भारी भरकम फोर्स लेकर शहर के रशाद नगर मुहल्ले में स्थित कब्रिस्तान में कब्र

खोदकर फौजिया की लाश को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। जहां जिला अस्पताल के डा. विनयी यादव, डा. राजकुमार श्रीवास्तव और डा. एके

श्रीवास्तव की टीम ने उसका पोस्टमार्टम किया। लाश काफी दिनों तक कब्र में रहने की वजह से खराब हो चुकी थी। ऐसे में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया।

फौजिया के मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डाक्टरों ने शरीर के कुछ अंगों का सेंपल जांच के लिए लिया है।
इससे पहले मौलाना आमिर रशादी के समर्थन में रविवार को सड़क जाम करने और नारेबाजी करने की रिपोर्ट चौकी प्रभारी बलरामपुर अब्दुल वाहिद की तहरीर पर

शहर कोतवाली पुलिस ने दर्ज की है। चौकी प्रभारी बलरामपुर अब्दुल वाहिद की तहरीर में सड़क जाम कर आवागमन बाधित करने की रिपोर्ट लिखाई गई, उनमें

उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी, एडवोकेट मुमताज जमा उर्फ शब्बू, मिर्जा शाने आलम बेग, डा. हलीम, हाफिज आसामाबीन रशादी आदि

को नामजद किया गया है।

चौकी प्रभारी का कहना है कि आरोपियों ने रविवार की शाम शहर के अतिव्यस्ततम मुहल्ला तकिया के मुसाफिर खाना रोड पर सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन और

नारेबाजी की। इन लोगों की मांग थी कि आमिर रशादी, उसके भाई सहित अन्य के विरुद्ध दर्ज साजिश के तहत हत्या और सबूत नष्ट करने का जो आरोप लगाया

गया है, वह गलत है। राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है।
पुलिस का आरोप है कि जिस समय यह लोग सड़क पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे।

उस समय सड़क जाम होने से प्रमुख मार्ग से आवागमन बाधित हो गया था।

इससे ना केवल सरकारी कार्य प्रभावित हुआ, बल्कि आने-जाने वालों को भी परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ा। सीओ सिटी सच्चिदानंद ने बताया कि घटना की

रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
फौजिया के मौत का कारण स्पष्ट न होने पर उसके शरीर के उन अंगों का सेंपल लिया गया है। जिसके जरिए उसके मौत का कारण स्पष्ट हो सके। शरीर के

अवशेषों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की

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