जौनपुर को बना दिया गया था धर्मांतरण का अड्डा.. फिर एक पादरी हुआ गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश का जौनपुर एक तरह सी ईसाई धर्मान्तरणकारियों का अड्डा बन चुका था. हिन्दुओं के एक पूरे के पूरे गाँव का ईसाईकरण होने के बाद धर्मान्तरण की इस गैंग का पर्दाफाश हुआ था. तब से लेकर अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन इसके बाद धर्मान्तरण की ये मशीने आपने मंसूबों से बाज नहीं आ रही है तथा धर्मान्तरण के प्रयास कर रही हैं, नए ठिकाने बनाकर धर्मांतरण किया जा रहा है. रविवार दोपहर मुंगराबादशाहपुर के सराय रुस्तम गांव में कराए जा रहे धर्मांतरण को ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने रोक दिया. बाइबिल व ईसाई धर्म से जुड़ी पुस्तकों को कब्जे में ले लिया.

पुलिस ने इस दौरान पादरी निर्मल कुमार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस कार्रवाई का वहां मौजूद महिलाओं ने विरोध किया. मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी. भारी संख्या में पुलिस बल देखकर धर्मान्तरणकारी भाग खड़े हुए. पुरऊपुर इलाके में ईसाई मिशनरियों द्वारा बनाई गई अस्थाई चर्च में धर्मांतरण बंद हो जाने के बाद उन्होंने नया ठिकाना तलाश कर लिया. सराय रुस्तम गांववासी ओमप्रकाश के दालान में धर्मांतरण कराया जा रहा था, जहां सैकड़ों की संख्या में महिला अनुयायी एकत्रित थीं. इसकी जानकारी होने पर विश्व हिदू परिषद के पदाधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया.

प्रार्थना सभा में शामिल होने आए लोग हुए वापस दूसरी ओर जौनपुर के चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह दुम्मा गांव में ईसाई धर्म प्रार्थना शुरू होने की सुगबुगाहट के बाद दो आटो रिक्शा में करीब 25 महिला और पुरुष पहुंचे, जो मऊ जनपद के निवासी बताए गए. आसपास के लोगों ने उन्हें बताया कि एक माह से यह चर्च बंद है. इन लोगों को सूचना थी कि चर्च के संचालक दुर्गा यादव की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है, जिसके बाद वह चर्च फिर से संचालित करेंगे. फिलहाल इस मामले में एक पादरी की गिरफ्तारी हो चुकी है तथा हिन्दू संगठन आपने स्तर पर धर्मान्तरणकारियों पर नजर बनाये हुए हैं.


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