मदरसे में अब तक मिल रहे थे हथियार, अब मिले रोहिग्या भी.. शरण के साथ रहना खाना सब मिल रहा था शामली में

खबर से पहले शामली पुलिस की तत्परता लिखना होगा जिसने अपनी सतर्क नजरे बनाए रखी और हर संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान दिया.. उसका प्रतिफल एक सुखद परिणाम के रूप में सामने आया है जहाँ भारतीय समाज के अन्दर छिपे संदिग्ध रोहिग्या दबोचे गये और अब उनका फैसला क़ानून करेगा.. IPS अजय कुमार के नेतृत्व में शामली पुलिस के तमाम GOOD WORKS में एक और बड़ा काम तब शामिल हुआ जब मदरसे से 4 रोहिग्या गिरफ्तार किये गये ..

ज्ञात हो कि शामली पुलिस के थाना थानाभवन को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब तत्परता दिखाते हुए 4 संदिग्ध रोहिग्या व तीन मदरसों के संचालकों समेत कुल 07 संदिग्धों को पुलिस की तत्परता के चलते दबोच लिया गया.  इस बेहद गंभीर सूचना पर शामली के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने एक स्पेशल टीम लगाकर ख़ुद नेतृत्व करते हुए थानाभवन व जलालाबाद स्थित मदरसों पर कराई ताबड़तोड़ छापेमारी और उसके आपेक्षित परिणाम निकले ..
इस मामले में मुख्य अभियुक्त अब्दुल मजीद (रोहिंग्या) समेत  रिज़वान, फुरकान, नोमान, हफी उल्लाह, क़ारी अशरफ़ और वासिफ अमीन को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है ..चारों संदिग्ध विदेशी म्यानमार (वर्मा) के रहने वाले हैं, जो छिपकर बाँग्लादेश व कोलकाता के रास्ते भारत आए थे; और नाम बदलकर मदरसों में रह रहे थे.  इनके क़ब्ज़े से फ़र्ज़ी आधार कार्ड, फ़र्ज़ी पैनकार्ड, भारतीय और विदेशी मुद्रा व बैंक खातों समेत 04 संदिग्ध मोबाइल फ़ोन बरामद हुए हैं .
इस मामले में इन संदिग्धों को आश्रय देने वाले मदरसा संचालकों ने नहीं दी थी पुलिस प्रशासन को कोई सूचना.. सबसे खास बात ये है कि ये भी संदिग्ध अपना नाम बदलकर छिप कर रह रहे थे. इसके चलते कभी भी हो सकता था सुरक्षा को बड़ा ख़तरा जो पुलिस की मुस्तैदी से आख़िरकार टल गया. शामली पुलिस के इस शानदार गुड वर्क पर एस पी शामली अजय कुमार ने पुलिस टीम को दिया रु 25,000 का ईनाम और इस अभियान में शामिल पुलिस टीम को मिली है उच्चाधिकारियों से प्रसंशा..
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