ध्वस्त हुए धर्मनिरपेक्षता के तमाम दावे. महादेव को जल चढाने वाले मुस्लिम युवक का किया गया ये हाल जबकि अभी बकरीद में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था हिन्दुओ ने

अभी ज्यादा समय नही बीता जब बकरीद के मौके पर उसी क्षेत्र के हिन्दुओ ने मुसलमानों के साथ बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था और उस दिन को धर्मनिरपेक्षता की एक मिसाल बताते हुए भाईचारे की अपील की थी . उसी समय एक और पर्व चल रहा था और वो पर्व था महादेव की भक्ति का जिसमे कांवड़ यात्रियों ने महादेव को जल चढ़ाया था . सावन का वो पवित्र महीना जिसमे दुनिया के हर हिस्से से हिन्दू समाज अपने आराध्य प्रभु शिव जी को याद कर रहे थे ..

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उसी समय एक मुस्लिम युवक भी महादेव की भक्ति में डूबा था और वो भगवा वस्त्र पहन कर महादेव के लिए कांवड़ लाया.. साथ में ही शिव जी के सावन में आयोजित भंडारे में हिन्दुओ के साथ खाना खाया था . उस समय तो ख़ामोशी थी लेकिन बाद में दिखा ही दिया गया वो उन्मादी रूप जो किसी के लिए सोचना का विषय बन गया था .. विदित हो किये मामला उत्तर प्रदेश के जिला बरेली का है जहाँ पर गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ऐसा करने पर उसका हुक्का पानी बंद कर दिया .

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उसको सामाजिक रूप से इतना प्रताड़ित किया जाने लगा कि वो इस बात से परेशान शख्स ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है.. इस से पहले कुछ हिन्दुओ के भाषणों में एक वर्ग विशेष के आर्थिक बहिष्कार की खबरों पर स्वघोषित लिबरल समूह ने खूब शोर मचाया था पर अचानक ही वो तमाम लोग अब खामोश जैसे हो गये हैं .. दरअसल, थाना देवरनिया के गांव दोपहरिया में साबिर पुत्र अब्दुल करीम सावन महीने में हिन्दू संप्रदाय के लोगों के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर आया था।

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साबिर के अनुसार उसके काम को हराम कह डाला गया है और भद्दी भद्दी गालियाँ भी दी गई हैं उसको ऐसा करने के लिए .. अब गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उसका हुक्का पानी बंद करा दिया। पीड़ित अपनी शिकायत में गांव के एक समुदाय के लोगों को आरोपी बनाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उसने सावन माह में जलाभिषेक करने के साथ भंडारे में शिरकत की थी, ताकि गांव में आपसी भाईचारे को बल मिले और लोग एक दूसरे के त्योहार में सहयोग कर सके.

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