विदेशों में भारत को शर्मशार किया था देवभूमि हरिद्वार में रहने वाले बलात्कारी शाहरुख ने… बदनाम हो हिन्दू इसलिए नाम रखा था “राहुल”


“अतिथि देवो भव” की भावना रखने वाले भारत को विदेश में उस समय शर्मशार होना पड़ा जब भारत भ्रमण पर आई एक विदेशी महिला के साथ राहुल नामधारी शाहरुख़ नामक युवक ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया. पीड़िता ने ई मेल के जरिए भारतीय पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. इसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल की अदालत ने विदेशी महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है. अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को 15 दिन अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी.

खबर के मुताबिक़, कनाडा निवासी पीड़िता ने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक को भेजे ई-मेल में बताया था कि वह अपने दो वर्षीय बच्चे के साथ मुनिकीरेती व रामझूला घूमने आई थी. इस दौरान उसकी मुलाकात अभियुक्त मजदूर राहुल उर्फ शाहरुख निवासी ग्राम बिझौली थाना मंगलौर जिला हरिद्वार से हुई. उसने बताया कि 14 दिसंबर 2016 को वह बेटे के साथ दोबारा रामझूला घूमने के लिए आई। बताया कि जब वह बच्चे के साथ वहां घूम रही थी, तो राहुल ने बच्चे को बीच में घुमाने का बहाना बनाकर उन्हें दूर नदी किनारे ले गया. पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने मुनिकीरेती पुलिस चौकी गई, लेकिन किसी पुलिस अधिकारी ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया.

पीडिता ने बताया कि उसके कुछ दिन बाद पीड़िता अपने देश कनाडा चली गई. घटना से व्यथित पीड़िता ने उत्तराखंड के डीजीपी को ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई. पत्र के आधार पर डीजीपी ने दो जनवरी 2017 को पुलिस अधीक्षक पौड़ी को मामला दर्ज कर जांच कराने के आदेश दिए. थाना लक्ष्मण झूला पौड़ी गढ़वाल में पांच जनवरी 2017 को मुकदमा पंजीकृत किया गया. घटनास्थल टिहरी जिला होने के कारण जांच मुनिकीरेती पुलिस को सौंपी गई. जांच अधिकारी रवि कुमार ने गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया. न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सहायक वेणीमाधव शाह ने साक्ष्य पेश किए. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को बलात्कार का दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं में दस साल की सजा सुनाई है.

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