नशेडी BDO की हरकतों से चंदौली प्रशासन और योगी शासन हो रहा बदनाम.. फाइलों के ऊपर रखता है माचिस और धुआं जाता है जनता पर

ये प्रदेश है एक योगी के द्वारा शासित जो भगवा वस्त्र में रहते हुए प्राचीन काल के तमाम साधू सन्यासियों की परम्परा का पालन खुद भी करता है और साथ ही ये आशा भी करता है कि अगर उस परम्परा का निर्वहन बाकी सब न भी कर पायें तो कम से कम उस परम्परा का उपहास तो न करें . लेकिन उस समय असमंजस की स्थिति बन जाया करती है जब उनके ही शासन में कार्यरत एक अधिकारी उनके लिए ही शर्मिंदगी का कारण बन जाया करता है .

ये बात हो रही है उत्तर प्रदेश के जनपद चंदौली की जो बिहार की सीमा से लगता सीमान्त जिला है . ये वाराणसी से जुड़ा है जो अपने अतिथि देवो भव के सिद्धांत के लिए विख्यात है और साथ ही साथ भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है . लेकिन विकास में मामले में अभी इस जनपद को और भी आगे जाना होगा .. खैर यहाँ काफी विकास कार्य हुआ भी लेकिन अगर कुछ विकसित नहीं हुई है तो वो है यहाँ के एक अधिकारी की सोच और शैली ..

ये शैली है चन्दौली जिले के ब्लाक साहबगंज के BDO मतलब खंड विकास अधिकारी धर्मजीत सिंह की . धर्मजीत के कार्यालय में अगर आप जायेंगे तो एहसास ही नहीं होगा कि आप एक सरकारी अधिकारी से मिलने आये हैं . आप को वहां का माहौल उस मुगल काल की सल्तनत जैसा लगेगा जिसमे बादशाह अपने सिंहासन पर बैठ कर हुक्का आदि पीता था और उसकी प्रजा उसके आगे हाथ जोड़ कर खड़ी रहती थी . इसी माहौल में लोगों से मिलते हैं BDO धर्मजीत सिंह जबकि इसी जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह और जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल का स्वभाव इतना सरल है कि उनके कार्यालय में किसी को भी अपनापन और सहयोगी माहौल दीखता है ..

फिलहाल सार्वजानिक स्थलों पर धूम्रपान वैसे भी निषिद्ध है पर जब को उस स्थल को सल्तनत समझ ले तो कम से कम उसकी नजर में सब जायज हो जाता है . सुदर्शन न्यूज के पास BDO महोदय के कुछ एक्सलूसिव वीडियो हैं जिसमे जनता की सरकारी फ़ाइल उनकी उस माचिस की डिब्बी के नीचे दबी है जिस से वो सिगरेट सुलगाते हैं . इतना ही नहीं , उनसे बातचीत करते समय उनके अधिकारिक समय में भी उनके हाथो में सिगरेट दिखाई देती है जिसका अपशिष्ट धुआं उनसे मिलने आई जनता के लिए ही दुरूपयोग होता है .

फिलहाल BDO महोदय को यकीनन पता होगा कि चुनाव आचार संहिता चल रही है और उसमे एक अधिकारी का रुतबा क्या होता है .. लेकिन इनके रुतबे में तो चार चाँद लग गये हैं जिसमे २ चाँद पहले से ही लगे थे .. इनके व्यक्तिगत व्यवहार से न तो वहां की जनता और न ही पत्रकार वर्ग संतुष्ट है.. लेकिन कुल मिला कर कहना गलत नहीं होगा कि यदि आप कभी किसी कारण से वाराणसी घूमने जाईये तो पडोसी जिले चंदौली में BDO धर्मजीत सिंह का रुतबा और उनकी विभागीय जीवनशैली देखने भी जरूर साहबगंज ब्लाक जाइए यदि आप को मुगल काल या सल्तनत काल की याद जीवंत देखनी हो तो ..

 

रिपोर्ट साभार –

प्रशांत सिंह ,

जिला संवाददाता , चंदौली

उत्तर प्रदेश …

देखिये वो वीडियो –

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