योगी – मोदी के नारी सुरक्षा के दावे को UP में तार तार कर रहा अयोध्या जिले का महराजगंज थाना.. लडकियों के स्कूल छोड़ने की नौबत और थानेदार सब देख रहा ख़ामोशी से

जहाँ एक तरफ योगी सरकार और मोदी सरकार तमाम कोशिशें कर रही है महिलाओं को आत्मसम्मान से जीने के तमाम साधन उपलब्ध करवाने की और उनके लिए कई योजनाये भी ला रही हैं , वहीँ उत्तर प्रदेश में अयोध्या जनपद के महराजगंज थाने की पुलिस हर वो कार्य कर रही है जो योगी आदित्यनाथ और नरेन्द्र मोदी के खिलाफ एक बदनुमा दाग का काम कर सके . यहाँ पर महराजगंज थाने के थानेदार अश्वनी मिश्रा महिलओं की सुरक्षा के प्रति इतना लापरवाह हैं कि उनके क्षेत्र में बच्चियों ने स्कूल न जाने तक का फैसला कर लिया है और कई अन्य बच्चियों की पढ़ाई बंद होने की कगार तक आ चुकी है .

विदित हो कि मात्र नाम बदल कर फैजाबाद से अयोध्या करने से कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ेगा , ऐसा दावा पहले विपक्षी दल किया करते थे लेकिन वो सब कुछ तब चरितार्थ होते दिखने लगा जब अयोध्या जनपद के ग्राम रहीमपुर दुगवा की रामजनम पाण्डेय की बच्ची को उसके कोचिंग सेंटर में कुछ लड़के आ कर छेड़ने लगे और उसको पढ़ाई आदि बंद करवा देने की धमकी के साथ साथ अश्लील कमेन्ट और छेड़छाड़ आदि से परेशान करने लगे ..

पहले तो लड़की ने हद पार होने तक उन मनचलों का सब कुछ अत्याचार सहा पर जब हद हो गयी तो उसने अपने घर पर बताया . घर वालों ने पुलिस में विश्वास दिखाते हुए पुलिस में इसकी शिकायत की पर वहां पर तैनात थानेदार अश्वनी मिश्रा इसको गम्भीरता से न लेते हुए मामले को कभी पूरा बाजार चौकी तो कभी कहीं और टालने लगा . यहाँ तक कि थानेदार ने इस मामले में FIR तक दर्ज करना ठीक नहीं समझा . ग्राम रहीमपुर दुगवा की तमाम बच्चियां उन्ही मनचलों की छेड़छाड़ का शिकार होती रही हैं लेकिन अश्वनी मिश्रा थानेदार की निष्क्रियता के चलते वो इसको अपना दुर्भाग्य समझ कर खामोश रहती हैं ..

इतना ही नहीं , इस मामले में अब पीड़ित के परिवार पर आरोपी इतना दबाव बना रहे है कि जैसे उन्होंने पुलिस में शिकायत कर के कोई बड़ा अपराध कर दिया हो .. परिवार को आरोपी परिवार की तरफ से लगातार धमकियां आ रही हैं जिसकी रिकार्डिंग आदि भी मौजूद हैं लेकिन थानेदार अश्वनी मिश्रा के लिए ये सब एक सामान्य बात है जैसे उनके अनुसार ये कोई पहाड़ नहीं टूट पड़ा है .  ज्ञात हो कि अश्वनी मिश्रा इस से पहले चौकी इंचार्ज के पद पर थे जिनको बहुत विश्वास से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या ने अतिमहत्वपूर्ण महराजगंज की थानेदारी दी थी पर रहीमपुर दुगवा गाँव की महिलाओं और बच्चियों के स्कूल और पढ़ाई छोड़ देने की नौबत आने के बाद ये कहना गलत नहीं होगा कि अश्वनी मिश्रा अपने उच्चाधिकारियों ही नहीं बल्कि जनता की भी अपेक्षाओं पर खरे उतर रहे हैं .

इस पूरे मामले में जब पीड़ित के परिवार से बात करने की कोशिश की गयी तो वो बेहद डरे सहमे दिखे और हिम्मत कर के पुलिस तक जाने वाली बेटी का भी मनोबल टूटता नजर आया . इतना ही नहीं , महराजगंज थाने के अंतर्गत सिर्फ महिलाओं के खिलाफ ही अत्याचार नहीं बढ़े हैं बल्कि अवैध शराब के साथ साथ जमीन अदि के विवाद भी तेजी से बढ़े हैं जिसमे प्रथम दृष्टया पुलिस एकपक्षीय कार्यवाही करती दिखी है … कुल मिला कर अयोध्या पुलिस की ये निष्क्रियता मोदी और योगी के उस दावे पर सवाल खड़ा कर रही है जो उन्होंने बेटियों की रक्षा और सुरक्षा आदि के बारे में किये हैं .

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