हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता को इतना पीटा दरोगा दिलशाद ने पुष्कर के साथ मिल कर कि वो ठीक से नहीं ले पा सांस में.. बोले- “बता देना अपने आका को”

ये वो पुलिस है जिसके आने के बाद एक आम व्यक्ति अपनी सुरक्षा को ले कर निश्चिंत हो जाया करता है .. हर कोई बड़े विश्वास से इसको 100 नम्बर डायल कर के बुलाता है लेकिन उस समय की कल्पना कीजिए जब ये आये और इसकी हैवानियत को देख कर रूह काँप जाए वहां मौजूद लोगों की . पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में रह रही मेरठ पुलिस के माथे पर अब लगा है एक ऐसा दाग जिसमे उसके हिन्दू विरोधी होने की भी कहीं न कहीं बू जैसी आ रही है .

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ज्ञात हो कि मेरठ में देह ही नहीं बल्कि वाहन चोरी के भी अवैध कारोबारियों के आगे पस्त दिखने वाली मेरठ पुलिस ने अब अपनी दादागीरी दिखाई है हिन्दू युवा वाहिनी के एक कार्यकर्ता पर . उस कार्यकर्ता को इतना बेरहमी से मारा गया है कि उसको अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करवाना पड़ा है जहाँ उसको सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही है . इस अनैतिक और उन्मादी हरकत के दोषी दरोगा दिलशाद और दरोगा पुष्कर अब तक सामने आ रहे हैं जिन्होंने हिन्दू युवा वाहिनी नाम आते ही दिखाया अपना अजीब सा व्यवहार .

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अब तक जानकारी के मुताबिक नई बस्ती, टीपीनगर निवासी अक्षित शर्मा हिंदू युवा वाहिनी में महानगर उपाध्यक्ष है। अक्षित के पिता संतोष शर्मा के पास डीएन कॉलेज की पार्किंग का ठेका है। बताया जा रहा है कि सोमवार को बीटीसी की परीक्षा थी। इस दौरान कई परीक्षार्थियों ने परीक्षा खत्म होने के बाद देहलीगेट थाने में जाकर तहरीर दी कि पार्किंग में खड़े उनके वाहनों में रखे मोबाइल और पर्स चोरी हो गए हैं। वहीं जानकारी मिलते ही देहलीगेट थाने के दरोगा पुष्कर पुलिस टीम के साथ कॉलेज पहुंच गए। पुलिस ने अक्षित, उनके  पिता संतोष और चाचा राकेश समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया।हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दोनों दरोगा पुष्कर और दिलशाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और संगठन पर टिप्पणी की है

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अक्षित का मेडिकल की इमरजेंसी में इलाज चल रहा है। उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही है।वहीं मेडिकल में काफी संख्या में पुलिस बल तैनात है।कार्यकर्ता अंकित शर्मा, सुमित, मंजीत, मनीष, दीपक आदि भी इमरजेंसी पहुंच गए और नरेंद्र प्रताप सिंह के साथ कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर धरना दिया। इसके बाद सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला व सीओ सिविल लाइन प्रभारी एएसपी रामअर्ज पुलिस फोर्स के साथ मौके पहुंचे। दोनों सीओ ने कार्यकर्ताओं से बात की। जिसके बाद नरेंद्र प्रताप ने दोनों दरोगाओं के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है .

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