राजस्थान पुलिस में महिला सिपाहियों के साथ जो हो रहा है उसको जान कर तो दूर, सोचने से भी आएगी शर्म

जो राजस्थान पिछले कुछ समय से कई पाकिस्तानी एजेंटों के पकडे जाने के बाद हाई अलर्ट पर रहना था वहां के पुलिस कर्मियों के साथ हो रहा कुछ ऐसा कि जिसको जान कर किसी की भी आत्मा तक काँप उठे . यहाँ पर महिला सिपाहियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है.. राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने कुछ समय पहले महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का वादा करते हुए दस्तक दी थी लेकिन वहां पर महिला पुलिसकर्मी भी हो रही भयानक प्रताड़ना का शिकार .

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सांचौर पुलिस थाने में तैनात महिला कांस्टेबल गीता बिश्नोई का शव गुरुवार शाम को अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था.  पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव नीचे उतवाकर मोर्चरी में रखवाया। शुक्रवार सुबह मृतका के भाई, अन्य परिजन व विश्नोई समाज के लोग मोर्चरी के बाहर धरना देकर बैठ गए। इनकी मांग है कि सांचौर सीओ ओपी उज्जवल, थाना प्रभारी पुष्पेंद्र वर्मा, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश विश्नोई व महिला कांस्टेबल केलम विश्नोई को निलंबित किया जाए। इन पर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है।

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गीता के भाई रामजीवन ने पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर सांचौर DSP ओमप्रकाश उज्जवल पर गंभीर आरोप लगाए। रामजीवन ने दी रिपोर्ट में बताया कि उसकी बहन गीता ने पिछले चार-पांच माह से थाने में परेशान होकर आप बीती बता रही थी। आरोप है कि सीओ उज्जवल द्वारा गीता पर यौन संबंध बनाने का दबाव डाला जा रहा था। रिपोर्ट में आरोप है कि ऐसा नहीं करने पर सीओ द्वारा उसे परेशान करने के लिए पिछले कई दिनों से हार्ड ड्यूटी दी जा रही है. इस नए विवाद के बाद राजस्थान सरकार भी कटघरे में है जिसने महिलाओं की सुरक्षा आदि के बड़े बड़े दावे किये थे .

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