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कुम्भ खत्म होते ही प्रयागराज में उन्मादी हुए कट्टरपंथी. महादेव शिव मन्दिर के पुजारी का जीना हुआ हराम, पूजा पाठ बंद होने की कगार पर

ये वही स्थान है जहाँ अभी कुछ दिन पहले कुम्भ का आयोजन हुआ था . इसमें देश ही नहीं दुनिया भर के हिन्दू साधू संत भक्त के अलावा वो भी तमाम आये थे जो हिन्दू और हिंदुत्व में रूचि या आस्था रखते हैं .. उस समय लगता था की दुनिया भर की भक्ति और शक्ति का केंद्र यही प्रयागराज है .. लेकिन उसी तीर्थराज की असल दशा अंदर में जो कुछ भी है वो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है . ये वही जगह है जहाँ कुछ समय पहले अतीक अहमद का खौफ हुआ करता था ..

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विदित हो कि उत्तर प्रदेश के प्रशासन और शासन तंत्र की कमान चुनाव आयोग के हाथो में जाने के बाद अचानक ही प्रशासनिक अधिकरियो के रवैये आदि में आये अजीब बदलाव के चलते प्रयागराज में एक हिन्दू मन्दिर बन रहा है अराजकता और मजहबी उन्माद का शिकार .. ये मन्दिर है तीर्थराज प्रयागराज के पॉश एरिया कहे जाने वाले सिविल लाइंस थानाक्षेत्र इलाके में जो बिजलीघर पावर हाऊस के सामने स्थित है . इस पवित्र मन्दिर का नाम श्री बुद्धेश्वर महादेव पीठ है …

इस मन्दिर का पौराणिक महत्व ये है कि यहाँ पर माता कुंती ने सूर्य तपस्या की थी.. यहाँ पर शहर का पहला मेला हर वर्ष लगता है .. इसलिए हिन्दुओ की आस्था यहाँ प्राचीन काल से ही है . लेकिन इस बीच में इस मन्दिर के खिलाफ मजहबी उन्मादियो ने ऐसी साजिश रची है कि यहाँ पर पूजा पाठ बंद होने की कगार पर है .. यहाँ के महंथ श्री परमहंस योगी राजकुमार जी महराज हैं जो एक लम्बे समय से इस मन्दिर की देखभाल और स्थापित देवी देवताओं की पूजा पाठ करते हैं ..

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इस मन्दिर के थोड़ी ही दूर पर एक मस्जिद है जो पहले छोटी सी मजार थी और बाद में बढ़ कर मस्जिद का रूप ले ली .. यहाँ धीरे धीरे लोगों की भीड़ बढती चली गई और वो जगह घिरते घिरते मस्जिद का रूप ले ली . दिनाक 7 मई को अक्षय तृतीय पूजन था जो उस मन्दिर में हर वर्ष माता लक्ष्मी के पूजन के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है . उसी दिन मन्दिर के सामने रमजान के मौके पर तरावीह पढ़ी जा रही थी . ये समय था शाम का जब रात होनी शुरू हुई थी .

मन्दिर के पुजारी श्री परमहंस योगी राजकुमार जी के अनुसार मन्दिर में होने वाले इस कार्यक्रम की बाकायदा अदालत से अनुमति भी थी. उस दिन नमाज़ के समय पूजन आदि होने के चलते उन सभी ने मन मुटाव रख लिया और उसी खुन्नस में अगले हफ्ते १४ तारिख को मंदिर के पुजारी को अकेला पा कर सुबह भोर में लगभग ४ बज कर २७ मिनट पर आधे दर्जन के आस पास उन्मादियो ने अचानक ही हमला कर दिया. वो सभी पवित्र मन्दिर के अन्दर जूते  चप्पल पहन कर घुस गये .

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इसी के साथ वहां उन्मादी नारे लगने लगे और मन्दिर के महंथ को साफ़ और खुली चेतावनी के साथ धमकी दी कि इस स्थान पर पूजा पाठ बंद कर दो .. वरना जान से हाथ धोना पड़ेगा .. जब महंथ ने पूजा पाठ को  ही अपने जीवन का पूर्ण आधार बताया तो वो महंथ पर बुरी तरह से हमला किये और कश्मीरी अंदाज़ में ईंट पत्थरों से हमला किया और उन्हें घायल कर दिया . ये हमला तब हुआ जब मन्दिर में सुबह का पूजन शुरू ही हुआ था .. इसके बाद वो सभी उन्मादी वहां से आराम से टहलते चले गये .

इस मामले की जब पुलिस को सूचना दी गयी तो पुलिस ने इसकी FIR दर्ज की और बाकायदा महंथ का मेडिकल टेस्ट आदि करवाया . इसी के साथ CCTV फुटेज प्राप्त की गयी और अभियुक्त साफ देखे गये .. इतने के बाद भी अब तक लगभग 1 सप्ताह होने के बाद भी किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है . पुलिस ये भी नहीं बता पा रही है कि हमलावर स्थानीय थे या बंगलादेशी अथवा रोहिंग्या . प्रयागराज इस से पहले भी कुम्भ में आतंकी हमले की आशंका से हाई अलर्ट पर था.

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लेकिन इस प्रकार से पुलिस का इतने गम्भीर मामले में सुस्ती दिखाना कहीं न कहीं सभ्य समाज को पीड़ा दे रहा है.  इधर मन्दिर के महंथ के ऊपर जीवन का खतरा लगातार बना हुआ है और इसी बीच में लगभग 2 दिन पहले कुछ लोग मन्दिर की दीवाल फांद कर अंदर घुस गये थे.. यहाँ प्रशंशा करनी होगी प्रयागराज के सहिष्णु हिन्दू समाज की जो इतने बड़े दुस्साहस के बाद भी पुलिस और प्रशासन पर कार्यवाही की आशा लगाए बैठा है .. लेकिन सवाल पुलिस पर जरूर है कि उन्मादियो के खिलाफ उन्होंने अब तक क्या किया ? इसी के साथ महंथ के साथ किसी अनहोनी का उत्तरदायित्व किस का होगा ? इस मामले में जब SSP प्रयागराज से उनके CUG नंबर 9454400248 पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उनके PRO द्वारा उनके वीडियो कांफ्रेसिंग में व्यस्त होने की बात बताई गयी ..

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