नरेश अग्रवाल के मित्र शरद यादव को रास नहीं आ रही बिहार में भाजपा की बढ़ती ताकत. बागी होने की कगार पर…

बिहार के सियासी गलियारे में उतार-चढ़ाव के बीच नीतीश कुमार ने महागठबंधन को तोड़ते हुए बीजेपी का हाथ थमा लिया। लेकिन अभी स्थिति कुछ ठीक नहीं। दअरसल, नीतीश के इस फैसले से जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शरद यादव नाराज नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि वो नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस संबंध में शाम 5 बजे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की।

इस दौरान जेडीयू नेता अरुण कुमार और अली अनवर शरद यादव से मिले। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बता दें कि नीतीश कुमार ने महागठबंधन से खुद को अलग करते हुए सीएम पद से इस्तीफा दिया। इतना ही नहीं उन्होंने महज कुछ घंटे बाद ही बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाने का फैसला लिया और सीएम पद की शपथ ले ली। ये पूरा सियासी घटनाक्रम जिस तेजी से हुआ उससे जेडीयू के बड़े नेता शरद यादव खफा नजर आ रहे हैं।
कहा जा रहा है कि उन्हें विश्वास में लिया बिना ही नीतीश कुमार ने पूरी रणनीति को अंजाम तक पहुंचाया। उन्हें लगता है कि नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ नहीं जाना चाहिए थे। हालांकि, बिहार में बदली परिस्थितियों में अब शरद यादव ने भी मोर्चा संभाल लिया है। वहीं, गुरुवार को शरद यादव ने राहुल गांधी से इस संदर्भ में मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद एक-दो दिनों में वो दूसरे राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं से मिलेंगे और भावी रणनीति का फैसला लेंगे। 
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