Breaking News:

“वन्दे मातरम किसी की मजबूरी ना बने तो ठीक”.. ऐसा बोल कर कांग्रेस ने एक बार फिर आघात दिया है राष्ट्र को


आए दिन विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले कांग्रेस सासंद एक बार फिर सुखियों में आए। यह और कोई मंत्री नही बल्कि शशि थरूर है, जो अक्सर विवादित बयान देते है। शशि थरूर का यह बयान मद्रास हाई कोर्ट द्वारा तमिलनाडु के स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों में राष्ट्रगीत गाना अनिवार्य किए जाने पर आया है।

शशि थरूर का कहना है कि हम संसद में ऐसा नहीं करते क्योंकि हम जानते हैं कि देशभक्ति की भावना अंदर से आती है। शशि थरूर ने आगे कहा कि अगर लोग राष्ट्रगीत गाना चाहते हैं तो उन्हें मौका मिलना चाहिए और अगर नहीं गाना चाहते हैं तो उन्हें इसकी आजादी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही कहा कि एक के बाद एक चीजों को अनिवार्य बनाते जाना गलत है।

बता दें कि इसे पहले शशि थरूर ने राज्य के लिए अलग झंडे की मांग को लेकर समर्थन किया था। बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में थरूर ने कहा कि देश के हर राज्य के पास अपना झंडा होना चाहिए, झंडे को राज्य के पहचान का प्रतीक बताया। थरूर ने कहा कि राज्य के लिए अलग झंडे का कदम एक अच्छी पहल होगी, बशर्ते कि यह देश में अलगाव का प्रतीक न बने। अगर राज्य का झंडा राज्य से जुड़ाव का प्रतीक है तो देश के सभी राज्यों के पास अपना झंडा होना चाहिए।


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share