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एक बड़े नेता, जिन्हें मायावती के मंच पर तब ही चढ़ने दिया गया जब उन्होंने जूते तो दूर मौजे भी उतारे.. फिर भी वो मुस्कुराते रहे

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी तथा भारतीय जनता पार्टी को किसी भी हालात में बचाने तथा अपने डूबते राजनैतिक करियर को बचाने के लिए उन्होंने वो किया, जिसकी उम्मीद उनके समर्थकों तक को नहीं रही होगी. उन्होंने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से हाथ मिला लिया.. वो मायावती जिनकी बहुजन समाज पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली थी, ये अलग बात है कि खुद इनकी पार्टी को भी एक भी सीट नहीं मिली थी.

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हम बात कर रहे हैं पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह की. अजीत सिंह की रालोद इस लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा के गठबंधन में शामिल है तथा उनकी पार्टी तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है. अभी चुनावों के परिणाम भी नहीं आये है लेकिन मायावती ने अजीत सिंह को उनकी जगह दिखा दी है. खबर के मुताबिक़, सहारनपुर के देबवंद में एक चुनावी रैली में RLD चीफ अजीत सिंह को मायावती के साथ मच पर चढ़ने ही तब दिया गया जब उनके जूते व मौजे नीचे ही उतरवा दिए गये जबकि मायावती खुद जूते पहने बैठी थी.

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दरअसल, अखिलेश यादव और अजित सिंह को पीछे छोड़ते हुए इस बार मायावती महागठबंधन का एक मुख्य चेहरा बनकर उभरी हैं जिसमें कार्यक्रमों से लेकर, रैलियों तक के सारे फैसले वे खुद ले रही हैं. अखिलेश तथा अजीत सिंह मायावती को फॉलो करते हुए ही नजर आ रहे हैं. इस दौरान मायावती की तानाशाही भी साफ तौर पर देखी जा रही है. पार्टी कार्यकर्ताओं से बदसलूकी के लिए बदनाम मायावती जाने- अनजाने में गठबंधन पार्टनर से भी इसी तरह की हरकतें कर रही है. ऐसा ही कुछ देवबंद रैली में हुआ, जहां उनके साथ बैठने के लिए अजित सिंह को जूते उतारने पर मजबूर किया गया जबकि खुद मायावती जूते पहन कर बैठी थी.

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ज्ञात हो कि देवबंद में महागठबंधन की रैली को संबोधित करने मायाबती समेत अखिलेश यादव और अजित सिंह भी पुहंचे थे. एक अख़बार में छपी खबर की मानें तो जैसे ही अजित सिंह ने मायावती और अखिलेश यादव के पीछे-पीछे मंच पर चढ़ना शुरु किया, वैसे ही बसपा के एक को-ऑर्डिनेटर ने अजित सिंह से जूते उतारने को कह दिया. उसने आरएलडी अध्यक्ष को बताया कि मायावती को पसंद नहीं है कि मंच पर उनके सामने कोई जूते पहनकर बैठे, सिवाय खुद उनके. मायावती का अपने साथी के साथ ऐसा रवैया देखकर सब हैरान रह गए..हालाँकि ये नहीं बताया गया है कि इस दौरान अखिलेश ने जूते उतारे थे या नहीं.

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