योगी शासन में एक और BRD अस्पताल जैसी आहट. इस बार स्थान हो सकता है सिद्धार्थनगर का डुमरियागंज

एक अस्पताल जहाँ कोई मरीज इस आशा के साथ आता है कि वो स्वस्थ और निरोगी बन कर जायेगा . उस मरीज को सामने डाक्टर की सीट पर बैठे व्यक्ति में भगवान दिखाई देता है जिसको वो अपना सब कुछ सौंप देता है .. वो उस डाक्टर की डिग्री या योग्यता नहीं देखता क्योंकि उस समय उसका लक्ष्य होता है किसी भी रूप में अपने प्राणों की रक्षा .. लेकिन उस हालात में क्या होता होगा जब उसकी जान बचाने के लिए खड़ा कथित डाक्टर असल में उस योग्य हो ही न ..

क्या ऐसा अस्पताल एक रोगी को निरोगी बनाएगा या एक निरोगी को रोगी .. कुछ ऐसा ही देखने को मिला है उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज कस्बे में जो योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के पड़ोसी जिले सिद्धार्थनगर में मौजूद है . यहाँ पर कुछ वो सब दोहराने की कोशिश चल रही है जो अभी कुछ समय पहले गोरखपुर के BRD कालेज में हुआ था और न सिर्फ योगी सरकार को हिला कर रख दिया था बल्कि केंद्र सरकार तक उसकी लपटें गयी थीं .

एक अस्पताल है सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज कस्बे में जिसका नाम है “लाइफ केयर हास्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड” .. ये अस्पताल डुमरियागंज के LIC आफिस के पास यतीम खाने के सामने खुला है जो बस्ती रोड पर स्थित है . इस अस्पताल के बोर्ड पर डाक्टर एस हैदर और डाक्टर जफरूल्लाह खान के नाम देखे जा सकते हैं जो वहां के गरीब और भोली भाली जनता के लिए एक बड़े विश्वास का नाम बताये जाते हैं और कई लोगों का इलाज भी कर चुके हैं .

इसी अस्पताल के जरूरी सरकारी दस्तावेज पूरे हैं या नहीं अभी ये पूरी तरह से स्पस्ट नहीं हो पाया . उदहारण के लिए इसकी बिल्डिंग जिसमे कई मरीज अपना इलाज करवाने आते हैं , इसमें अग्निशमन के उपकरण , यहाँ पर उपलब्ध आक्सीजन के सामान आदि पूरी तरह से नियमानुसार हैं या नहीं अभी तक ये पूरी तरह से स्पष्ट इसलिए नहीं हो पाया क्योकि इसके दिए गये नम्बरों पर बार बार सम्पर्क करने के बाद भी कोई बात करने के लिए तैयार नहीं होता और स्टाफ होने का बहाना बना कर टालता रहता है .

अब सवाल ये उठता है कि जब विपत्तिकाल में कोई मरीज फंसा होता है तो वो यहाँ के डाक्टरों आदि को कैसे सम्पर्क करता होगा . इसी अस्पताल के कुछ वीडियो सुदर्शन न्यूज के पास है जिसमे कुछ महिलओं का अल्ट्रासाउंड एक किसी अन्य महिला द्वारा किया जा रहा है . जब उस महिला के बारे में सवाल किया गया कि क्या उसके द्वारा किया जा रहा अल्ट्रासाउंड उसकी डिग्री के हिसाब से मान्य है तो उसका कोई जवाब नहीं मिला .. यकीनन कुछ दाल में काला था जो लगातार टालने की कोशिश की जा रही है.

संभावना ये भी जताई जा रही है कि यहाँ पर अल्ट्रासाउंड का महिलाओं के मामलों में दुरूपयोग भी किया जाता है जिस पर तमाम कानूनी प्रतिबन्ध भी लागू हैं  .  इस अस्पताल में शिकायत यही है कि यहाँ पर उचित डिग्रीधारक कर्मियों द्वारा इलाज या चिकित्सीय परीक्षण नही किये जाते हैं जो आने वाले समय में योगी सरकार के लिए गोरखपुर के BRD कालेज जैसी किसी शर्मिंदा करने वाली घटना की वजह बन सकते हैं . यकीनन यहाँ का जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी उसके लिए बराबर का जिम्मेदार होगा ….

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