भारत का एक ऐसा प्रदेश जहाँ बांग्लादेशियों के बस चुके हैं 16 गांव.. जबकि भारत के की कई निवासी तरस रहे छत के लिए

देश का इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता है कि एकतरफ इस्लामिक जिहाद का शिकार हुए कश्मीरी हिन्दू अभी तक दर-2 की ठोकरें खाने को मजबूर हैं, इसके अलावा भी भारत के कई निवासी ऐसे हैं जिन्हें छत नसीब नहीं हुई हैं. लेकिन दूसरी तरफ भारत के ही एक राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के 1 नहीं बल्कि 16 गाँव बस चुके हैं. जिस राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के 16 गाँव बस चुके हैं वो है पूर्वोत्तर का राज्य मिजोरम.

खबर के मुताबिक़, बांग्लादेश से आए घुसपैठियों ने मिजोरम के दक्षिणी इलाके में स्थित लुंगलेई जिले में 16 गांव बसा लिए हैं. स्थानीय प्रशासनिक मंत्री के लालरिनलियाना ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी. राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी जोराम पीपुल्स मूवमेंट के नेता सी लालसवीवुंगा के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि नौ ऐसे गांव भी हैं जो बिना किसी दस्तावेज के राज्य में घुसे अवैध प्रवासियों द्वारा बसाए गए हैं.’

इनमें से चार गांव आइजोल जिले में बसाए गए हैं जबकि तीन गांव म्यांमार की सीमा से लगे चंपई में और दो त्रिपुरा की सीमा से लगे ममित में बसे हैं. इन गांवों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के साथ म्यांमार से आए अवैध प्रवासी भी रह रहे हैं. इसके अलावा यहां मणिपुर और त्रिपुरा के लोग भी रह रहे हैं. सीमाई इलाकों का सर्वेक्षण कर चुके अधिकारियों व छात्र नेताओं का दावा है कि बांग्लादेश से आए ये घुसपैठिए चकमा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. बता दें कि इससे पहले नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के पहले ड्राफ्ट के प्रकाशन के दौरान भी उत्तर पूर्वी भारत में बड़ी संख्या में अवैध शरणार्थियों के यहां बिना दस्तावेजों के रहने का पता चला था.

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