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हत्यारे बेटे के अपराधों से माँ बचपन से ही दुखी थी..आख़िरकार छोड़ गई दुनिया एक कपूत के कारण

हर माँ का सपना होता है की उसका बेटा बड़ा होकर देश और परिवार के लिए कुछ करे..लेकिन जिस माँ के बेटे में बचपन से ही देश के प्रति नफरत भरी हो और जो

हर वक्त खून खराबे के सिवा कुछ न जानता हो, जिसके जेहन में अपने बाप की तरह एक समुदाय के प्रति जहर  भरा हो, जो अपने बेटे को बचपन से ही हत्या,

लूट-मार जैसे कामों के लिए शाबासी देता हो ऐसे में लाजमी है उसकी माँ को ही अपने बेटों के बुरे कर्मों की सजा वक़्त से पहले भुगतनी पढ़ती है.

उत्तर प्रदेश के कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान देशभक्त चंदन गुप्ता की हत्या में शामिल,अकरम की मां हसीन बानो की मौत हो गयी है.

कहा जा रहा है कि

हसीन बानो की उनके घर में कोई तरजीह नहीं थी, वह अपने बेटे के कुकर्मों से बचपन से ही परेशान थी और उसका शौहर नसीरुद्दीन भी उसकी एक नहीं सुनता था.

कई बार माँ के समझाने पर भी हत्यारा, गुंडा, बदमाश बेटा नहीं माना और गलत काम करते रहा. वहीँ कुछ लोगों ने कहा है कि हसीन बानो एक समझदार औरत

थी, लेकिन उनका पति और बेटा उनकी एक नहीं सुनता था यदि उन्होंने एक बार भी बानो की सुनी होती तो शायद आज बाप बेटे जेल में नहीं होते और बानो जिंदा

होती..

आरोपी के परिवार के लोगों का कहना है कि हसीन बानो की मौत सदमे की वजह से हुई है, वह पति और बेटे के जेल जाने से बहुत दुखी थी. जानकारी के अनुसार

बाप-बेटे की गिरफ्तारी के बाद उनकी तबियत काफी बिगड़ गई थी. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान हसीन बानों की मौत हो

गई. पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच नसीरुद्दीन और उनके बेटे अकरम को पैरोल पर कुछ देर के लिए अंतिम संस्कार पर कब्रिस्तान लाया गया. इस दौरान कब्रस्तान

में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.

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