अपनी ही ईदगाह में खुद से ही मांस डलवा कर अमन का फरिश्ता बना था सिराज अहमद. हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश


दंगों पर राजनीति का काला इतिहास है। अक्सर राजनीति में विजय के लिए साम्प्रदायिक दंगे भड़काये जाते है और उन दंगों में हिंदुओं को फंसाया जाता है। इस बार भी अपने राजनीतिक फायदे के लिए सांप्रदायकि दंगों को भड़काया गया। सपा नेता सिराज अहमद ने अपनी ही ईदगाह में खुद से मांस डलवाया और फिर उसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की।

आपको बता दें कि 26 जून को ईदगाह थाना शुकुल बाज़ार के बदलगढ़ और शेखवापुर में ईद के दिन ईदगाद में पशु का सिर रखवाकर साम्प्रादायिक सौहार्द बिगाड़ने और फिर उसका राजनीति लाभ लेने की साजिश की गई लेकिन प्रशासनिक सूझबूझ से मामला शांत हो गया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख सपा नेता सिराज अहमद ने इलेक्शन को मैनेज करने के लिए दामाद को 40 हजार रूपये देकर दोनों ईदगाहों में ऐसी घिनौनी साजिश को अंजाम दिया था।

लेकिन सिराज अहमद की इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने बताया कि इस पूरी साजिश के पीछे पूर्व ब्लॉक प्रमुख व समाजवादी पार्टी नेता सिराज अहमद हैं। सिराज ने अपने दामाद गुडडू उर्फ जियाउलहक को 40000 रूपये में बदलगढ़ व शेखवापुर की ईदगाह में ईद की रात में जानवर का मांस फेकने को कहा था। पुलिस ने आगे बताया की सपा नेता के दामाद के इशारे पर अफजल पुत्र अंसार द्वारा सन्तोष पुत्र मातादीन परवेजपुर, जगदम्बा पुत्र जगन्नाथ पूरे जालिम द्वारा घटना को अंजाम दिया गया।


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