मोदी सरकार जाने के बाद देख लेंगे अधिकारीयों को…कैसे पीटने के बाद भी अधिकारीयों को धमका रही है आम आदमी पार्टी….

जब अरविन्द केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई तो दिल्ली के लोगों ने उनको छप्पर फाड़ के बहुमत दिया. दिल्ली की जनता से अरविन्द केजरीवाल व उनकी पार्टी को ऐसा प्यार मिला जिसमें बीजेपी व कांग्रेस कहीं नहीं थे. दिल्ली की जनता ने बड़ी ही उमीदों के साथ केजरीवाल को सत्ता सौंपी थी लेकिन उसको क्या पता था कि सत्ता मिलने क बाद मुख्यमंत्री जी सिर्फ केंद्र सर्कार तथा उपराज्यपाल पर आरोप ही लगायेंगे. दिल्ली की जनता को सबसे बड़ा धक्का तब लगा जब 19 फरवरी को अरविन्द केजरीवाल के सामने ही उनके विधायकों तथा मंत्रियों ने आधी रात को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की पिटाई की.

देश के इतिहास में ये पहला अवसर था जब सत्ताधारी दल की ईएसआई गुंडई व दबंगई देखने को मिली जब पहली बार विधायकों मंत्रियों ने इस तरह की निम्न स्तरीय हरकत की. मुख्य सचिव अंशु अग्रवाल के इस अपमान के बाद दिल्ली के अधिकारीयों ने ओफीस जाना बंद कर दिया है तथा कार्य हड़ताल पर हैं जिसके बाद से दिल्ली में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं. अधिकारीयों का कहना है कि हम लोप्ग अपनी योग्यता अपनी मेहनत के दम पर अधिकारी बनते हैं तब इन नेताओं को हमारे साथ एसा सलूक करने का अधिकार किसने दिया. आईएस एसोशियेशन ने स्पष्ट कहा दिया है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल तथा दिल्ली सरकार लिखित में माफी मांगे उसके बाद ही अधिकारी कार्य पर लौटेंगे.

लेकिन अपने असंवैधानिक कार्य के लिए तथा अधिकारीयों के साथ दुर्व्यवहार के लिए  माफी मांगने की बजाय आम आदमी पार्टी ने अधिकारीयों को धमकाया है. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने अधिकारीयों को धमकाते हुए कहा है है कि मोदी सर्कार के कारण ये अधिकारी कार्य नहीं कर रहे हैं लेकिन कल को जब मोदी सरकार नहीं रहेगी तब इन अधिकारीयों पर जरूर कार्यवाही करेंगे. वैसे आशुतोष की अधिकारीयों को ये धमकी उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसी है. वैसे आशुतोष, मुख्यमंत्री केजरीवाल को समझना चाहिए कि वो अपने अहम् को त्यागकर अधिकारीयों से माफी मांगें तथा दिल्ली के विकास के लिए कार्य करे.

अब इस पर देश स्वयं विचार करे कि अधिकारीयों को इस तरह धमकाने वाले नेता क्या वास्तव में देश हित में कार्य क्र सकते हैं और क्या इसे लोगों पर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए??

Share This Post

Leave a Reply