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अदालत से बोला था वो जवान- “देश पर जान भी न्योछावर है पर केजरीवाल जी ने ठुल्ला बोला तो दर्द हुआ, न्याय हो”. पर ये रहा अदालत का न्याय


एक पुलिस वाले के निलम्बित और बर्खास्त होने के लिए उसकी आवाज , उसकी फोटो तो दूर की बात है , उसकी वर्दी जिसमे नेम प्लेट न हो , तक काफी होती है लेकिन जब मामला एक मुख्यमंत्री का होता है तो किस प्रकार से न्याय होता है इस देश में उसका उदाहरण आज दिल्ली की एक अदालत में देखने को मिला जब दिन रात जाग कर समाज की रक्षा करने वाले पुलिस के जवानो को ठुल्ला करने वाले अरविन्द केजरीवाल के मामले में न्यायाधीश महोदय को न्याय करना था . ये याचिका थी दिल्ली के लाजपत नगर थाने में तैनात पुलिस कांस्टेबल अजय कुमार की जिन्हें दर्द हुआ था अपने लिए ये शब्द सुन कर ..

ज्ञात हो की समाज की रक्षा में कई बलिदान दे कर दिन की चिलचिलाती धूप और रात की ठिठुरती ठण्ड में जाग कर रक्षा करने वालो को जब को अपशब्द बोलता होगा तो उस पीड़ा को वो भले न कहें पर समाज बेहतर ढंग से समझ सकता है . उसी से आहत हो कर दिल्ली पुलिस के एक जवान ने जब न्यायालय से अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ कार्यवाही की मांग की तो अदालत बोली कि व्यक्तिगत रूप से तुम्हे तो नहीं कहा था , इसलिए ये मामला खारिज किया जाता है . दिल्ली की ही उच्चतम अदालत अभी हाल में ही नक्सलियों से कनेक्शन के चलते महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार शहरी नक्सलियों पर अपने फैसले देने के लिए चर्चा में है .

पुलिसकर्मियों को ठुल्ला कहने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि केस को अदालत ने खारिज कर दिया है। इस मामले में केजरीवाल को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपमुक्त कर दिया है। एक इंटरव्यू में अरविंद केजरीवाल के पुलिस वालों को ठुल्ला कहने पर दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल ने आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।कांस्टेबल ने अदालत में दलील दी थी कि एक इंटरव्यू के दौरान केजरीवाल ने पुलिस वालों के लिए ठुल्ला शब्द का इस्तेमाल किया। जिसने वो आहत और अपमानित महसूस कर रहे हैं। अडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने मामले में केजरीवाल को आरोपमुक्त करते हुए कहा कि मानहानि की शिकायत दर्ज कराने वाला पुलिसकर्मी इस मामले में पीड़ित व्यक्ति नहीं है। पहली नजर में यह शब्द मानहानि नहीं करते, इसलिए मानहानि की शिकायत खारिज की जाती है। कोर्ट ने माना कि जिस इंटरव्यू में कुछ शब्द पर शिकायतकर्ता को आपत्ति है वह शब्द शिकायतकर्ता के बारे में नहीं कहे गए और न ही उससे ऐसा लगता है कि अरविंद केजरीवाल के यह सब कहने के बाद शिकायतकर्ता के बारे में लोग ऐसा कहेंगे। अदालत ने कहा कि इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं दिखा कि केजरीवाल ने अपने इंटरव्यू के दौरान पूरी दिल्ली पुलिस का अपमान नहीं किया था।

 


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