इस लोकप्रिय सांसद ने अन्ना हजारे पर साधा निशाना… कहा आपके चेले ने दिल्ली को तहस नहस कर दिया, उसके खिलाफ क्यों नहीं करते आन्दोलन

अन्ना हजारे लोकपाल की मांग को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बार फिर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गये हैं. अन्ना हजारे का मानना है कि मोदी सरकार अपने वायदों पर खरी नहीं उतर रही है. हालाँकि इस बार अन्ना के आन्दोलन को लेकर जनता में ज्यादा क्रेज दिखाई नहीं दे रहा है. इसी बीच अन्ना के आन्दोलन को लेकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष था सांसद मनोज तिवारी ने अन्ना हजारे पर एक बड़ा हमला बोला है.

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय पहुंचे दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे निशाना साधते हुए कहा कि यह देश बहुत समझदारी से निर्णय लेता है और जनता के निर्णय पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगा सकता है. तब के अन्ना में और अब के अन्ना में काफी फर्क है. वह समय तब का था और आज इस समय में अन्ना हजारे की सभी गतिविधियां और स्टेप जनता के बीच आ चुकी है. 

मनोज तिवारी ने कहा कि अन्ना को अपने को बचाकर रखना चाहिए. अन्ना का दिया हुआ एक चेला केजरीवाल है जो दिल्ली को तहस-नहस कर दिया फिर भी उसका विरोध अन्ना नहीं करते है. जिस व्यक्ति ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ध्वस्त कर दिया, जिसने अस्पतालों में रिजर्वेसन लगा दिया तो उसके खिलाफ अन्ना क्यों नहीं बैठते हैं. तब के अन्ना और अब के अन्ना में बहुत बड़ा अंतर है. अन्ना को अन्दोलाना करना ही है तो केजरीवाल के खिलाफ करें जिसे उन्होंने ही तैयार किया है. मनोज तिवारी ने आगे बोलते हुए कहा कि देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जब दिल से कभी भावना निकलती है तो देश एक होता है. आज देश थोड़ी कड़वी दवाइयों के साथ आगे बढ़ गया है, भ्रष्टाचार का राक्षस मारा जा रहा है. अब जो व्यक्ति भ्रष्टाचार को मार रहा है और उसके खिलाफ भी कोई खड़ा होता है तो वह क्या चाहता है, यह लोगों को समझ मे आ जाएगा.
मनोज तिवारी ने कहा कि हमारे देश मे व्यक्ति बड़ा नहीं होता है, विचार बड़ा होता है और अन्ना हजारे ने जिस समय देश के गुस्से का नेतृत्व कर रहे थे तो तमाम लोग उसमें थे, मैं भी था. लेकिन उसका परिणाम अरविन्द केजरीवाल के रूप में सामने आया. दिल्ली सरकार के ग्रीन बजट के प्रश्न पर मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में पिछले दो वर्ष पहले से ग्रीन टेक्स लेना शुरू किया गया। एक साल में 12 सौ करोड़ रुपए आया, जिसे दिल्ली सरकार ने उसे खर्च ही नहीं किया. जो सरकार ग्रीन टैक्स के पैसे को खर्च ही ना करे उसका बजट ग्रीन नहीं उसका बजट रेड है. और अन्ना हजारे को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की इन्ही चालबाज नीतियों के खिलाफ आन्दोलन करना चाहिए. 

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