वो उसकी बदतमीजी या तमाम लोगों जैसा खौफ.. ओला ड्राइवर बोला अशरफ से- “उस कॉलोनी में मुसलमान बहुत हैं, नहीं जांऊगा वहां”

वो उसकी बदतमीजी थी या सबकी तरह उसका भी खौफ था ये तो वही जानता है, लेकिन ये घटना इस समय चर्चा में आ गई है तथा कुछ लोग इस पर तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ उसका पक्ष ले रहे हैं तो कुछ उसकी खिलाफत भी कर रहे है. उस ओला ड्राइवर ने असद अशरफ से साफ कह दिया किवह मुस्लिम कॉलोनी में गाड़ी लेकर नहीं जा सकता है क्योंकि वहां अजीब लोग रहते हैं तथा उसे मुस्लिम कॉलोनी जाने में डर लगता है. वो अपनी जान जोखिम में डालकर मुस्लिम कॉलोनी में अंदर नहीं जाएगा. ओला कैब से जुड़ी ये चौकाने वाली खबर देश कि राजधानी दिल्ली से आ रही है.

बताया जा रहा है कि असद अशरफ नाम के एक शख्स ने दिल्ली के बीके दत्त कॉलोनी से जामिया तक जाने के लिए ओला कैब बुक किया. गाड़ी में बैठने के बाद ड्राइवर को पता चला कि असद जामिया जाना चाहते हैं, जो कि उसके हिसाब से एक मुस्लिम कॉलोनी है, तो बीच रास्ते में उतार दिया और गाड़ी आगे ले जाने से मना कर दिया. असद जब इसका विरोध करने लगे तो ड्राइवर ने इसका कारणमुस्लिम कॉलोनी होना बताया. असद ने अपने ट्विटर पर इस अनुभव को साझा किया. असद ने लिखा कि कैब ड्राइवर ने उन्हें यह कहकर धमकाया कि जामिया कोई जाने की जगह नहीं है. वो एक मुस्लिम कॉलोनी है तथा वहां उसकी जान का खतरा हो सकता है.

इस घटना के सामने आने के बाद लोगों ने ओला तथा उस ड्राइवर कि आलोचना शुरू कर दी. इसके बाद ओला ने स्पष्ट किया कि उसने ड्राइवर को निकाल दिया है. लेकिन जैसा कि ड्राइवर ने कहा कि मुस्लिम कॉलोनी जाने में उसे डर लगता है, इस पर बहुत लोग ड्राइवर का साथ भी दे रहे हैं. ये केवल उस ओला ड्राइवर का ही भी नहीं है बल्कि ज्यादातर लोग ऐसी कॉलोनी जाने में वो भी रात के वक्त खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं. ओला के उस ड्राइवर कि आलोचना करने वालो को इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि आखिर ये भी उतपन क्यों हुआ? आखिर क्यों लोग मुस्लिम कॉलोनी जाने में डर रहे हैं?

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