दिल्ली में हुई तालिबानी हरकत. नाबालिग का अपहरण कर के नॉएडा ले जा कर गैंगरेप. मजदूर समझ कर पानी पिला देते थे जिन्हें वही बने परिवार की इज्ज़त के काल

एक बार फिर से दरिंदगी की शिकार हुई है एक मासूम जो भारत की राजधानी दिल्ली की रहने वाली है.. भारत का अतिसुरक्षित और पढ़े लिखे लोगो का शहर कहा जाने वाला दिल्ली अचानक ही इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं से थर्रा गया है और हर कोई अब अपनी सुरक्षा आदि को ले कर चिंतित हो गया है . ये घटना हुई है ऐसे धर्मनिरपेक्ष पिता के साथ जिसका कहना है की उसको पता ही नहीं था कि मजहबी कट्टरपंथ होता क्या है और जिन्हें वो मजदूर आदि समझ कर पानी पिला रहा है , या खाना खिला रहा है वो आने वाले समय में बन जायेगे उसकी बेटी की इज्ज़त के काल और तबाह हो जाएगा एक परिवार ..

दिल्ली के हर्ष का है ये मामला जो पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में पड़ता है . यहाँ पर रहने वाला एक परिवार का मुखिया छोले कुलचे लगा कर अपनी ४ बेटियों और एक बेटे का पेट पाल रहा था .. उसी मोहल्ले में सीवर आदि का कार्य करने वाले कुछ लोग रुके थे जिन्हें मजदूर और गरीब आदि समझ कर ये परिवार समय समय पर चाय , पानी , खाना आदि दे दिया करता था लेकिन उसको नहीं पता था कि उनकी नजर उसकी उस बेटी पर है जो अभी नाबालिग है .. आख़िरकार जब तक वो कुछ समझ पाता तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अचानक ही एक दिन उसको पता चला कि उसकी बेटी गायब हो चुकी है .

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने फ़ौरन ही कडा रुख अपनाया और हर्ष विहार के थानेदार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए लड़की की लोकेशन आदि निकालनी शुरू कर दी . जब सघन जांच की गयी तो लड़की की लोकेशन दिल्ली से सटे नॉएडा में सूरजपुर इलाके में मिली. इस बीच लड़की के माता और पिता को लगातार फोन पर धमकियां आदि आती रही जिसके लिए नाम और नम्बर बदल बदल कर प्रयोग हो रहे थे . पुलिस ने नॉएडा के सूरजपुर में लड़की की लोकेशन मिलने के बाद फ़ौरन ही कार्यवाही करते हुए छापेमारी की और लड़की को बेसुध बरामद किया .. लड़की ने बताया है की उसके साथ ४ लोगों ने जबरन बलात्कार किया था और उसको मना करने पर बुरी तरह से मारा पीटा गया है . अपहरणकर्ताओं की संख्या २ बताई जा रही है .. लड़की का इलाज़ GTB अस्पताल में चल रहा है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है . 

फिलहाल अब तक इस मामले में पुलिस ने शाहनवाज और जावेद को गिरफ्तार कर लिया है और उनके ऊपर पास्को आदि धाराओं में कार्यवाही करते हुए जेल भेज दिया है . इस घटना से दिल्ली में पनप रहे कट्टरपंथ की एक नई कहानी को सामने रखा है जिस पर न सिर्फ शासन और प्रशासन को अपितु आम जनता को भी गहनता से चिन्तन करने की जरूरत है . फिलहाल कट्टरपंथ और दरिंदगी की इस हरकत ने उजाड़ दिया एक घर और तोड़ दिया उस गरीब दुकानदार का मनोबल जो छोले कुलचे आदि की दूकान चला कर अपना जीवन यापन करता था .. इस पूरे मामले में अब तक दिल्ली महिला आयोग और उसकी अध्यक्षा स्वाति मालीवाल आदि खामोश हैं और पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर दर भटक रहा है .  

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