जिसने दी थी कमलेश तिवारी को मौत की धमकी, उसका ये रुतवा हुआ करता था अखिलेश यादव के राज में


हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी का करूर्तं क़त्ल करने वाले आतंकी हत्यारे अशफाक तथा मोइनुद्दीन की भी गिरफ्तारी हो चुकी है. दोनों हत्यारों को आज रात गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पर गुजरात ATS ने गिरफ्तार किया. खैर हम यान बात करने वाले हैं कमलेश तिवारी का सर कलम करने पर 51 लाख रूपये का इनाम घोषित करने वाले बिजनौर के उन्मादी मौलाना अनवारुल हक़ की, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने कमलेश तिवारी की ह्त्या के बाद गिरफ्तार किया था.

आज मौलाना अन्वारुक हक़ भले ही पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब मौलाना अनवारुल हक़ का यूपी में अलग ही रुतवा हुआ करता था. ये वो समय था जब यूपी में अखिलेश यादव की सरकार थी. कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपित बिजनौर मौलाना अनवारुल हक का दस साल का इतिहास खंगाला गया. एसआइटी ने मौलाना से पूंछताछ की है. अनवारुल हक से पूछा गया कि वह छह माह में कहां-कहां गया और किन-किन लोगों से मिला. उन लोगों की भी कुंडली खंगाली गई. इसके अलावा पुलिस मौलाना का दुबई कनेक्शन भी खंगाल रही है.

बता दें कि मौलाना अनवारुल हक का इतिहास विवादित रहा है. सपा सरकार में वह आपत्तिजनक बयान देकर सुर्खियों में आया. बिजनौर जामा मस्जिद का इमाम रहने के कारण कई रसूखदारों से उसका संपर्क हो गया. उस वक्त देशभर के लोग उसके पास आते-जाते थे. इनमें कुछ संदिग्ध लोगों के भी मिलने आने का शक है. इसीलिए पुलिस उनका रिकार्ड खंगाल रही है. कई साल से उसके दो भाई भी सूरत में रहते हैं. एसआइटी के साथ ही पुलिस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि मौलाना सूरत कितनी बार गया. उसके रिश्तेदारों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है.

कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार दुबई से भी जुड़े हैं. टीम यह पता लगाने में जुटी है कि मौलाना व मुफ्ती का कोई परिचित दुबई में तो नहीं रहता. अनवारुल हक का समाजवादी पार्टी की सरकार में सिक्का किस तरह चलता था इसका प्रमाण ये है कि कई बार भड़काऊ बयान देने के बावजूद तब पुलिस प्रशासनिक अधिकारी इसके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर पाते थे. उसकी छवि कट्टरवादी की रही है जो सांप्रदायिक उन्माद भडकाने वाले बयान देता था लेकिन राजनैतिक संरक्षण के कारण क़ानून उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले पाता था.

मौलाना अनवारुल हक़ मुस्लिमों से जुड़े मामलों(कट्टरवादी) में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था. उसकी सोच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी करने वालों की हिमायत में और उन पर पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में वह प्रदर्शन भी कर चुका था. जामा मस्जिद का इमाम होने के कारण वह खुलेआम अफसरों को भी चुनौती देता था. सुदर्शन न्यूज़ ने मौलाना अनवारुल का वो वीडियो सबको दिखाया है जिसमें वह पुलिस वालों की वर्दी उतारने की धमकी दे रहा है. इसके बाद भी मौलाना के खिलाफ कोई कड़ी कार्यवाई नहीं की जा सकी थी.

मौलाना अनवारूल हक के तीन और भाई हैं. एक भाई अकबर बिजनौर में परचून की दुकान करता है. बड़ा भाई असलम व इरफान दोनों भाई सूरत में बिस्कुट की फेरी लगाते हैं. पुलिस के मुताबिक अनवारूल हक से दोनों भाई हर बात साझा करते हैं. पुलिस को शक है कि गुजरात से गिरफ्तार लोगों के तार मौलाना अनवारूल हक के भाइयों से जुड़े हो सकते हैं. इसके अलावा 12 सितंबर 2014 को मोहल्ला जाटान में एक मकान में बम बनाते समय विस्फोट हो गया था, तब खुलासा हुआ था मुजफ्फरनगर दंगे का बदला लेने के लिए मध्यप्रदेश की खंडवा जेल से फरार सिम्मी आतंकी यहां रह रहे थे.

उस समय पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि इन फरार आतंकियों से जुड़े स्थानीय लोगों का अनवारूल हक के पास आना जाना था. यहीं मौलाना अनवारुल हक़ के रुतवे का पता चलता है कि इसके बाद भी उसके खिलाफ पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी. इसका कारण ये था कि तत्कालीन सरकार में उसकी जबरदस्त पैठ थी, उसे सत्ता का संरक्षण मिला हुआ था. लोगों की मानें तो 2016 से पहले प्रदेश में सपा सरकार के दौरान जामा मस्जिद का इमाम बनने के बाद उसका प्रभाव बढ़ता गया. उसकी एक आवाज पर संप्रदाय विशेष के हजारों लोग इकट्ठा हो जाया करते थे. अनावरुल हक 4 दिसंबर 2015 को उस वक्त सुर्खियों में आ गया था, जब उसने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वाले को 51 लाख के इनाम का ऐलान किया.

मौलाना अनवारुल हक के भाषणों के खिलाफ हिंदू जन संघर्ष समिति ने जमकर प्रदर्शन किया था. समिति ने डीएम व एसपी से भड़काऊ बयान देकर माहौल खराब करने के मामले में मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. हालांकि किसी भी अधिकारी की उन दिनों मौलाना पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं हो सकी थी. इतना ही नहीं, उन दिनों जिले में यह भी चर्चा तेज हो गई थीं कि सपा उसे 2017 विधानसभा चुनाव में टिकट दे सकती है. हालांकि 2016 में एक महिला ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया. साथ ही उसका महिला के साथ अश्लील वीडियो वायरल हो गया. इसके कारण उसे टिकट नहीं दिया गया वरना वह विधायक बन चुका होता.


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