उत्तर प्रदेश में फर्जी कश्मीरियों की आहट.. चौकन्नी हुई पुलिस और सतर्क हुई खुफिया एजेंसियां

आखिरकार पीएम नरेद्र मोदी की आधार कार्ड बनवाने की योजना सफल हो ही गई। आधारकार्ड को लेकर लिया गया फैसला एक ऐसा हाथियार साबित हुआ,

जिसका अंदाजा किसी ने लगाया भी नहीं था। आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव के दौरान हजारों कश्मीरी फर्जी आधार कार्ड के साथ योगी के यूपी

में घुस आए। खुफिया विभाग ने ट्रेस किए इन कश्मीरी लोगों के आधार कार्ड के फर्जी होने का दावा किया है। निकाय चुनाव के दौरान प्रशासन के निर्देश थे कि

बाहरी लोग जिले को छोड़ दें।

ऐसे में जम्मू-कश्मीर के एक हजार लोग शहर में पहुंच गए जिसका पता उनके आधारकार्ड से लगा।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के आरटीओ के सामने और पीछे ये लोग अभी शिविर तैयार कर रहे हैं। हालांकि शहरवासियों की मदद से कुछ कश्मीरी युवकों के

आधार कार्ड खुफिया विभाग को मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आधार कार्ड फर्जी बताए जा रहे हैं। जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट रिलीफ कमेटी का पत्र लेकर

कुछ युवक शहर के पॉश इलाकों में सहायता मांगने के लिए घूम रहे हैं। कांठ रोड स्थित प्रकाश एंक्लेव, एमडीए, हरथला में युवकों ने खाद्य सामग्री, कंबल और

आर्थिक सहायता मांगी।

आपको बता दे कि युवक जो पत्र दिखा रहे हैं उसमें लिखा है कि वे एक हजार लोग हैं जो जम्मू-कश्मीर के बारामूला, लेह, लद्दाख के बार्डर

एरिया पर रहते हैं। आतंकी गतिविधियों और बर्फ गिरने के कारण वे अपने घर और कारोबार खो चुके हैं।
खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि इन लोगों के यहां पहुंचने की जानकारी मिलने पर सक्रियता बढ़ा दी है। आने वालों में अधिकांश युवक, कुछ बुजुर्ग और

महिलाएं हैं। जम्मू-कश्मीर से भी इनके बारे में जानकारियां ली जा रही हैं। एसएसपी मुरादाबाद प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि आरटीओ के आसपास कश्मीरी लोगों

के रहने की जानकारी नहीं है। संबंधित थाना प्रभारी से जानकारी ली जाएगी। इनके यहां आने का कारण पता लगाया जाएगा। 

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