लालू पर CBI तो शशि थरूर पर दिल्ली की हाईकोर्ट के तेवर सख्त. संदेश साफ- सुनंदा इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ेगी…

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर मर्डर केस के तीन साल बीत जाने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने हत्या के तह तक पहुंचने में नाकाम रही। कही न कही इस हाई प्रोफाइल मर्डर के पीछे एक बहुत बड़ी साजिश नजर आती है। इस साजिश से पर्दा हटाने के लिए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर जांच की अपील की। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में तीन दिनों के भीतर ‘स्टेटस रिपोर्ट’ दायर करे।

दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग करने वाली सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर आया है। अदालत ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से यह भी पूछा कि उसने बीते तीन साल में क्या जांच की। बता दें कि सुनंदा पुष्कर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी थीं। वे जनवरी 2014 में दिल्ली के एक होटल में मृत पाई गई थीं। इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सुब्रमण्यम स्वामी की मांग पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे इस पर कोई आपत्ति नहीं है।

हालांकि, स्वामी ने कहा कि वे नहीं चाहते कि दिल्ली पुलिस को इस जांच से अलग किया जाए। उनका कहना था कि मैं चाहता हूं कि वह एसआईटी का हिस्सा रहे। लेकिन कोर्ट को मामले पर नजर रखने की जरूरत है ताकि शशि थरूर के पक्ष में किसी किस्म की राजनीतिक दखलअंदाजी न हो। उन्होंने शशि थरूर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे मेरी ही पार्टी के कुछ लोगों से मदद मांग रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा है कि इस जांच में कोई भी दखल नहीं देगा। उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का मामला है। इस मामले में अगली सुनवाई अब एक अगस्त को होगी।

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