बांग्लादेशियों के हाथों क़त्ल हुए दिल्ली के हिन्दू परिवार को 2 लाख रूपये व 1 सदस्य को नौकरी देंगे सुरेश चव्हाणके जी… हिन्दुओं को दिया अभूतपूर्व बल

जहाँ कोई खड़ा तक नहीं होना चाहता, सुदर्शन वहां जाकर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए न सिर्फ उनकी आवाज को उठाता है बल्कि खुद यथाशक्ति उनकी मदद भी करता है. 22 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में बांग्लादेशी आक्रान्ताओं फरीद खान व उसके साथियों ने हिन्दू(दलित) पतिराम केवत की पीट-पीटकर ह्त्या कर दी. वारदात की जानकारी मिलते ही सुदर्शन ने पूरा दिन इस खबर को उठाया तथा इस पर बिंदास बोल कार्यक्रम भी किया.. लेकिन अब सुदर्शन टीवी के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाणके जी ने जहांगीरपुरी के मृतक हिन्दू के परिवार को 2 लाख रूपये की आर्थिक मदद की, वहीं परिवार के एक सदस्य को नौकरी का आश्वासन भी दिया.

आज दोपहर 1 बजे सुदर्शन टीवी के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाण के जी मृतक पतिराम के घर गये तथा उनके परिजनों से मुलाक़ात की. मृतक पतिराम के परिवार की दयनीय स्थिति देखकर श्री सुरेश चव्हाणके जी भावुक हो उठे तथा उनके आंसू निकल आये. सुरेश चव्हाणके जी ने पतिराम के परिजनों को 2 लाख रूपये का आर्थिक सहयोग किया वहीं आश्वासन भी दिया कि परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जायेगी. इसके अलावा सुरेश चव्हाणके जी ने पतिराम के परिजनों तथा जहांगीरपुरी के हिन्दुओं से कहा कि सुदर्शन परिवार हमेशा से उनके साथ खडा रहेगा. आपको बता दें कि 1 लाख 6 हजार रूपये श्री सुरेश चव्हाणके जी ने स्वयं दिए है तथा बाकी सुदर्शन परिवार के सहयोगियों-साथियों की तरफ से आर्थिक मदद की गयी है.

खैर सुरेश चव्हाणके जी ने वो किया जो देश के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते करना चाहिए था लेकिन सवाल ये है कि दिल्ली के साथ देश के किसी भी कोने में होने भी छोटी सी वारदात पर भी चीख उठने वाले तथा दिल्ली सरकार का खजाना खोले देने वाले दिल्ली सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल इस वारदात पर मौन क्यों है? अखलाख, पहलू खान, रकबर की मौत पर दर्द से कराह उठने वाले केजरीवाल को हिन्दू(दलित) पतिराम की क्रूरतम ह्त्या पर जरा भी दर्द नहीं हुआ. क्या केजरीवाल के पास इतना समय नहीं था कि वह पतिराम के परिजनों से मिलने जाते? लेकिन इससे भी बड़ा सवाल ये है कि अगर पतिराम की जगह फरीद खान मारा जाता तब भी केजरीवाल चुप रहते?

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