सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दे रहा था शौहर… इसलिए बेचारी के पास बचा था अंतिम रास्ता, और वो उस पर चल पड़ी

तीन तलाक मामले में कोर्ट का मुस्लिम महिलाओं के हक़ में फैसला देना मुस्लिम समुदाय के पुरषो को रास नहीं आ रहा है। कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में अपने आप को महिलाओं से ज्यादा आंकने वाले पुरुषों को बहुत बड़ा झटका दे दिया। जिसके चलते अब आये दिन ये पुरुष अपने टूटते गुरुर का बदला महलाओं पर अत्याचार करके ले रहे है। मुस्लिम महिलाओं को इन पुरुषो का शिकार बनना पड़ रहा है।

बता दे कि इस मामले के चलते दो केस सामने आये है जिसमे महिलाओं पर अत्याचार करने का मामला सामने आया है। मुस्लिम महिलाओं को हमेशा से पुरुषों ने दबा कर रखा है उनको उनके ही अधिकारों से वंचित रखा है। बिहार के गोपालगंज में दहेज़ न देने के चलते निकाह के 21वें दिन ही शौहर ने तलाक देकर घर से निकाल दिया।

पांच जुलाई, 2017 को मीरगंज थाने के लाइन बाजार की निवासी आशिया परवीन का उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी मुस्तफा के साथ निकाह हुआ जिसके बाद ही ससुराल में आशिया से दहेज़ की मांग करना शुरू कर दिया।

दहेज में टीवी और बाइक नहीं मिलने की वजह से आशिया पर अत्याचार करने लगे और फिर 26 जुलाई को अपनी जरूरतों को न पूरा करने की वजह से उसके शौहर ने तीन तलाक देकर अपने घर में रखने से ही इनकार कर दिया। पीड़िता ने अपने साथ हुए अत्याचार के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत के दरवाज़े खटखटाये जिसके चलते कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई शुरू कर दी है।

वही दूसरा मामला भी बिहार के ही कटिहार जिले के प्राणपुर थाने के धबौल गांव का है जहां तीन तलाक के कारण महिला ने अपनी जान गवा दी। 2016 मे धबौल निवासी स्व शेख मुस्लिम की बेटी जुलेखा खातून का निकाह आजमनगर प्रखंड क्षेत्र की केलाबाड़ी पंचायत के ढेना गांव निवासी शेख जिन्नत के पुत्र शाहजहां से हुआ था। कुछ दिनों बाद ही शाहजहां जुलेखा खातून को मायके छोड़ दिल्ली में मजदूरी करने चला गया। वहा से आकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया जिसके चलते बुधवार को शौहर शाहजहां ने बेगम जुलेखा को तीन तलाक दे दिया।

इसके बाद ही दोपहर में जुलेखा ने कमरे को अंदर से बंद कर फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली।

जिसके बाद इस मामले को शाहजहां और उसके परिजनों ने दबाने की कोशिश की और इस मामले को थाने तक न ले जा कर पंचायत में ही मामले को रफा दफा कर गुरुवार को शव दफना दिया गया है। इस बात की पुष्टि प्राणपुर थाने की पुलिस ने शुक्रवार की देर शाम की। पुलिस इस मामले में कार्यवाही शुरू कर दी है।

मुस्लिम समुदाय के पुरुष कोर्ट के तीन तलाक के फैसले के बाद भी इस फैसले पर अमल नहीं कर रहे है और आये दिन महिलाओं की जिंदगी तबाह कर रहे है। 

* फोटो सांकेतिक हैं 

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