कट्टरपंथी का ऐलान.. मेरे मज़हब के कानून से बढ़कर कोई और नहीं और दे दिया तीन तलाक..


तीन तलाक फैसले से तो अब पूरा देश अवगत है लेकिन जिन्हें इससे अवगत होना चाहिए वो ही परिचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी समुदाय विशेष इसकी आलोचना करता नज़र आ रहा है। आये दिन इस फैसले की सुनवाई के बाद भी कट्टरपंथी खुलेआम तलाक दे कर अपनी कट्टरता जाहिर कर महिलाओं पर अत्याचार कर रहा है। महिलाओं की हक़ में सुप्रीम कोर्ट का तीन तलाक पर फैसला समुदाय विशेष के पुरुषों को एक आँख नहीं भा रहा है।

ऐसा ही तीन तलाक का एक और मामला देहात कोतवाली के छतौना गांव का है जहां एक बार फिर एक महिला तीन तलाक का शिकार बन गयी है।

दरअसल सायरा का निकाह 27 फरवरी 2014 को फिरोज से हुआ था। सायरा कोतवाली नगर के गभड़िया निवासी है जिसके निकाह में उसके घरवालों ने फिरोज को उसकी हैसियत से ज्यादा दहेज़ दिया था। निकाह के कुछ दिनों बाद से ही सायरा के सुसराल वालों का इतने दहेज़ से पेट नहीं भरा तो और दहेज़ की मांग करने लगे। हद तब पर हुई जब साल भर बाद सायरा ने एक बच्ची को जन्म दिया जिसके बाद फिरोज ने उससे किनारा करने लगा।

दिन व दिन दहेज़ की मांग बढ़ती गयी और इसके लिए उसे प्रताड़ित भी किया जाने लगा जिसके बाद फिरोज ने उसे उसकी बच्ची के साथ धक्के मारकर घर से निकाल दिया।

बता दें कि फिरोज ने 9 जुलाई 2017 को फिरोज ने 7-8 लोगों के साथ सायरा के घर जाकर उसे तलाक दे दिया। सायरा को तलाक देने के बाद फिरोज ने दूसरा निकाह कर लिया और जब इसकी जानकारी सायरा को हुई तो वो तुरंत पनी ढाई साल की बेटी और मां को लेकर एसपी ऑफिस पहुंच गई और न्याय की मांग करने लगी। न्याय मांगने एसपी ऑफिस पहुंची महिला को एसपी अमित वर्मा ने ऑफिस में बुलाया और पीड़िता की बात सुनी और इसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए। एसपी ने इस मामले में वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है।


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