सुदर्शन ने बताया था BHU कांड को योगी विरोधियों की साजिश जिसे तीस्ता सीतलवाड़ा ने वहां पहुँच कर किया साबित

तीस्ता सीतलवाड़ आये दिन चर्चा में बनी रहती है। सामाजिक कार्यकर्ता होते हुए भी समाज के लोगो को ही भड़काना क्या सामाजिक कार्य है ?लेकिन हर बार तीस्ता ऐसे ही मामलो में नज़र आती है जहां पर लोगो को भड़काया जा सके। छोटे से छोटे मुद्दे को बढ़ाकर बहुत बड़ा मामला बनाकर पेश कर देती है। इस बार पुलिस पर ही आरोप लगा दिए। पुलिस का जो काम है वो वही करेगी इसमे अब तीस्ता जैसे सामाजिक कार्यकर्ता को दिक्कत हुई तो सीधा उत्तर प्रदेश की सरकार पर उंगलिया उठायी गयी।

पुलिस प्रशाशन अपना काम करे तो इन विरोधी पक्ष को परेशानी और न करे तो भी परेशानी तो आखिर करे क्या ये विरोधी पक्ष ही बता दे। जिनका काम ही दुसरो की खामिया निकालना हो वो क्या सरकार चला पाएगा ?

गुजरात में हिन्दुओ को भड़का चुकी तीस्ता अब बीएचयू में बवाल को और बढ़ाना चाहती है जिसके लिए वो रवाना भी हो चुकी थी। लेकिन बीएचयू के मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट से बाहर निकलीं सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को बीएचयू जाने की आशंका में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

इस बात को लेकर तीस्ता के समर्थक जो की मोदी सरकार के विरोधी है उन्होंने पुलिस लाइन गेट पर हंगामा किया।

पुलिस पर आरोप लगाया कि तीस्ता के साथ पुलिस ने बदसलूकी की जबकि ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया। ये सिर्फ उत्तर प्रदेश की सरकार को बदनाम करने के अपनाये गए हथकंडो में से एक है।

बीएचयू को अब विरोधियो ने अपने सियासती खेल में शामिल कर लिया है जिसके चलते बीएचयू के माहौल को ख़राब करने की साजिश रचाई जा रही है। इसी खेल का तीस्ता भी हिस्सा है जो बीएचयू जाकर वहा के छात्रों को भड़काकर मोदी सरकार के खिलाफ करना चाहती थी लेकिन पुलिस ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया। अपने सियासती फायदे के लिए छात्रों का इस्तेमाल करना कहाँ तक जायज है ?

* फोटो सांकेतिक हैं 

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