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कई हिन्दुओं के हत्यारे शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट ने भेजा था जेल, पर तेजस्वी यादव भी कहाँ पीछे हटने वाले थे.. उन्होंने निकाला नया रास्ता

दुर्दांत अपराधी शहाबुद्दीन.. लालू यादव का साथी वो शहाबुद्दीन जिसने राजनैतिक संरक्षण के चलते बिहार में पता नहीं कितनों की हत्याएं की, कितनों के घर उजाड़ कर उन्हें बेसहारा कर दिया.. उस शहाबुद्दीन को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है, उस शहाबुद्दीन का साथ देने के लिए लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने दूसरा रास्ता निकाल लिया है. कई हिन्दुओं के हत्यारे जिस शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट जेल भेज चुका है, लालू के लाल तेजस्वी ने उसके समर्थन में ताल ठोंक दी है.

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आपको बता दें कि बिहार की सीवान लोकसभा सीट से आरजेडी ने शहाबुद्दीन की बीबी हिना शहाब को उम्मीदवार बनाया है. शहाबुद्दीन की बीबी को उम्मीदवार बनाये जाने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आरजेडी पर करारा हमला बोला है. अमित शाह ने सवाल किया, ‘‘लालू ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में बिहार को क्या दिया. वह शहाबुद्दीन की पत्नी को टिकट देते हैं. शहाबुद्दीन ने सलाखों के पीछे जाने से पहले कितने लोगों को प्रताड़ित किया.’’ अमित शाह ने कहा कि इस घटनाक्रम से साफ हो गया है कि आरजेडी की मंशा जंगल राज के युग को वापस लाने की है.’’

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बता दें कि अगस्त में 2004 में सिवान में सतीश और गिरीश रोशन की तेजाब डालकर हत्या कर दी गई थी. इस दोहरे हत्याकांड में 9 दिसंबर 2015 को निचली अदालत ने शहाबुद्दीन व अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसके अलावा 6 जून 2014 को इस मामले के चश्मदीद गवाह और दोनों मृतकों सतीश और गिरीश रोशन के भाई राजीव रोशन की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. निचली अदालत से मिली सजा के खिलाफ शहाबुद्दीन ने पटना हाईकोर्ट में अपील की थी. 2017 में पटना हाईकोर्ट ने भी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत और हाईकोर्ट की सजा को बरकरार रखा था.

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