मुगल आक्रान्ता औरंगजेब की राह चली दिल्ली सरकार… तोड़ डाला गया 60 साल पुराना मां दुर्गा मंदिर

मुगल आक्रान्ता औरंगजेब के शासनकाल में जिस तरह से हिन्दू आस्थाओं को कुचला जाता था, हिन्दुओं का दमन किया जाता था.. आये दिन मजहबी जिहादी मानसिकता से वशीभूत होकर मुगल आक्रान्ता औरंगजेब के राज में जिस तरह से हिन्दुओं का कत्लेआम हुआ, हिन्दू मंदिरों को तोड़ा गया.. आज भी देश के कई हिस्सों में कहीं न कहीं ये स्थिति समय-समय पर दिखाई देती नजर आती है जब तथाकथित सेक्यूलर राजनीति के पैरोकार मुस्लिम तुष्टीकरण की नीतियों के तहत हिन्दुओं का दमन करते हैं, हिन्दू मंदिरों पर बुलडोजर चलवाते हैं.

इसी तथाकथित सेक्यूलर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का नजारा देश की राजधानी दिल्ली में आज देखने को मिला जब गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास स्थापित प्राचीन  माँ दुर्गा मंदिर को दिल्ली सरकार के आदेश पर तोड़ डाला गया. दिल्ली सरकार ने मुगल आक्रान्ता विधर्मी औरंगजेब तथा खिलजी का अनुसरण करते हुए 60 साल पुराने मां दुर्गा के भव्य मंदिर को तोड़ दिया गया. बता दें कि मंदिर तोड़े जाने की सूचना मिलते ही दिल्ली एनसीआर में सक्रिय हिन्दू संगठनों ने मंदिर बचाओ अभियान शुरू किया था तथा आज सुबह 10 बजे मंदिर परिसर पहुँचने आह्वान किया था.

दिल्ली सरकार तथा प्रशासन को इस बात की भनक लग चुकी थी कि सुबह 10 बजे हिन्दू कार्यकर्ता मंदिर पर एकत्रित होंगे, इसलिए मंदिर को तोड़ने पर आमादा दिल्ली सरकार के कर्मचारी सुबह 6 बजे ही बुलडोजर मशीनों के साथ गीता कॉलोनी पहुंचे तथा मंदिर को तोड़ दिया, हनुमान जी की मूर्ति को उखाड़कर फेंक दिया. जब तक हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता मंदिर बचाने के लिए पहुँचते, उससे पहले ही मंदिर को दिल्ली सरकार तुड़वा चुकी थी. मंदिर तोड़े जाने के बाद हिंदूवादी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला तथा उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया. खबर लिखे जाने तक भारी संख्या में हिंदूवादी कार्यकर्ता मंदिर स्थाल पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

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