टीपू प्रेम में मगन कांग्रेस को अचानक अदालत ने झकझोरा और पूछा ये सटीक सवाल

टीपू सुल्तान जिनका पूरा नाम सुल्तान फतेह अली खान शाहाब एक मुग़ल शासक थे। जो कर्नाटक भारत के तत्कालीन मैसूर राज्य के शासक थे. बता दें कि मुग़ल शासक वो थे जिन्होंने महान राजा विक्रमादित्य द्वारा भारत को बनाई गयी सोने की चिड़िया के पर कुतर दिए थे. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आज भी ऐसे लोग देश में मौजूद है. जो उन लुटेरों की तो जयंती मनाते है लेकिन उन्हें महान राजा विक्रमादित्य जी के बारे में रत्ती भर जानकारी नहीं होगी जिन्होंने हमेशा निस्वार्थ देश के हित में सोचा और ऐसे लोग कही और नहीं वामपंथ कर्नाटक में है.

जहां इस बात पर बहस छिड़ी है कि टीपू जयंती कैसे मनाई जाए और उसपर किस तरह से खर्चा किया जाए. इसी बीच टीपू जयंती पर रोक की याचिका दायर की गयी. जिसपर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार सवाल किया कि 10 नवंबर को टीपू जयंती के मौके पर राज्य भर में होने वाले जश्न के लिए राज्य सरकार के बजट में प्रावधान किया गया था. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच जी रमेश और न्यायमूर्ति पी एस दिनेश कुमार की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सवाल किया.
जनहित याचिका में मांग की गई है कि राज्य सरकार को टीपू जयंती मनाने से रोका जाए. याचिकाकर्ता मंजूनाथ केपी ने ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की जिससे यह पता चलेगा कि जयंती मनाने के खर्च के लिए बजट में प्रावधान था. इसके बाद अदालत ने सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी.      
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