आ गया इस दरिंदे नक्सली का चेहरा सामने, इसी नक्सली ने बहाया था हमारे 25 जवानों का लहू

छत्तीसगढ़
के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शामिल खूंखार नक्सली पोडियम पंडा
, जिस पर एक लाख रुपये का ईनाम घोषित
किया गया उसने पुलिस को सरेंडर कर दिया है। ये वही नक्सली है जिसने सुकमा के पूर्व
कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन को भी अगवा किया था।

वहीं,
 उसके सरेंडर की बात बताते हुए सुकमा SP अभिषेक मीणा ने बताया कि पिछले महीने जिले के बुरकापाल हमले में
शामिल जनमिलिशिया डिप्टी कमांडर और नक्सली सहयोगी पोडियाम पांडू यानि पंडा ने पुलिस
के सामने सरेंडर कर दिया है। उनके मुताबिक पंडा ने
9 मई को सरेंडर किया था, जिसका खुलासा अब जाकर हुआ है।

सुनने
में आया है कि पोडियाम पंडा चिंतागुफा गांव का पूर्व सरपंच है और उसकी पत्नी अभी
भी गांव की सरपंच है। पंडा ने पुलिस को बताया कि नक्सली बुरकापाल में हमले की तैयारी
बहुत पहले से ही कर रहे थे। वह
15
अप्रैल से ही चिंतागुफा और बुरकापाल में सुरक्षा बलों पर नजर रख रहे थे, इसके बाद
ही
24 अप्रैल को घटना को अंजाम दिया गया।
इसमें सीआरपीएफ के
25 जवान बलिदान हो गए थे।

पंडा
ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन
24
अप्रैल को सीआरपीएफ का दल जब अपने शिविर से निकला तब इसकी जानकारी नक्सली सदस्यों
ने अपने दूसरे साथियो को बता दी। उस वक़्त नक्सली आठ किलोमीटर दूर कासलपाड़ा गांव
के करीब मौजूद थे। जानकारी मिलने के बाद नक्सलियों ने एक घंटे के दौरान ही क्षेत्र
में घेराबंदी की और
11.30 बजे पुलिस दल पर हमला शुरू कर दिया।

पांडु
के मुताबिक वो
1997 में माओवादी नेता रमन्ना, हिड़मा, मदन्ना, पापाराव और सीतू के संपर्क में आया था।
इस दौरान वह नक्सलियों के कुरियर करने वाले के रूप में काम करता था। उनके लिए
जरूरी सामान शहरों से लाता हुए धीरे धीरे
2016
में वह मिलिशिया डिप्टी कमांडर बन गया।

वहीं,
सूत्रों से एक और खबर है कि बस्तर जिले में तीन ईनामी नक्सलियों समेत
21 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर
दिया है। जिसमे एक महिला नक्सली भी शामिल है। अब देखना होगा की देश के इन जवानों
का बलिदान व्यर्थ जायेगा या अब सरकार की आँख खुलेगी और वो सही फैसला लेगी।

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