27 मजदूरों का काल बन गई वारिस अहमद की फैक्ट्री. वो तो रेखा की बहादुरी थी जो बच गई कईयों की जान

भोपाल : मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के भाटन गांव में बुधवार को एक पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लग जाने के कारण 27 कामगारों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने घटना में मारे गए लोगों के परिवार को दो-दो लाख रुपए के मुआवजे का एलान किया है।

बता दें कि जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर शहर के कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित इस फैक्टरी में दोपहर करीब 3 बजे आग लगी। हादसा इतना भयानक था कि घटना स्थल से 100-100 मीटर दूर तक लोगों के शव के चिथड़े पड़े मिले। इस हादसे की जानकारी विस्फोट में ही झुलसी एक महिला ने जैसे-तैसे भागकर गांव वालों को दी। जब गांव वाले घटनास्थल पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। वहां का दृश्य इतना खतरनाक था कि देखने वालों के रौंगटे खड़े हो गए।

चारों तरफ अधजली लाशें और दूर-दूर तक जले हुए लोगों के सिर-हाथ और पैर बिखरे पड़े थे। गांव वालों ने बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाली रेखा जली हुई हालत में मदद मांगने के लिए गांव पहुंची थी। गांव पहुंचकर रेखा ने फैक्ट्री में आग लगने की सूचना दी थी। जिसके बाद सैकड़ों ग्रामीण और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह आग वारिस अहमद की पटाखा फैक्टरी में लगी। पिछले 4 साल से बिना अनुमति के संचालित की जा रही थी।

पटाखा फैक्ट्री का मालिक फरार हो गया है। जिला कलेक्टर भारत यादव ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। जिला कलेक्टर के मुताबिक सभी हादसे के सभी पीड़ित फैक्टरी के मजदूर हैं और आग उस वक्त लगी, जब फैक्टरी में काम चल रहा था। कलेक्टर ने कहा कि आग किस वजह से लगी, ये अभी साफ नहीं हो पाया है। लेकिन संभव है कि किसी ने जलती हुई बीड़ी फेंकी हो। इसके साथ ही बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।

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