आखिरकार राजनीती में आ ही गया जहरीले बयान कमल हासन … तमिलनाडु सरकार की कर रहा समीक्षा


अक्सर फिल्म स्टार अपने विवादित बयान से सुर्खियों में रहते है और ऐसा ही एक बयान कमल हासन ने रविवार तमिलनाडु सरकार पर हमला करते हुए दिया कि जो सरकार अपने सत्ता की प्रसिद्धि पर ध्यान केंद्रित करती है, चाहे वह सरकार किसी के मरने की परवाह न करे तो वह सरकार जल्द ही सत्ता से गिर जाती है। इस तरह के बयानों से लगता है कि कमल हासन तमिलनाडु वामंथियो का दामन थामने वाले है तभी वे अधिकतर केरल सरकार की प्रशंसा करते है।

कमल हसन ने कहा कि ” अगर किसी व्यक्ति की दुर्घटना में किसी के कारण उसकी जान चली जाती है तो उसका वह जिम्मेदार माना जाता है जिस कारण व्यक्ति की जान जाती है और तमिलनाडु सरकार को इस बात को समझना चाहिए।” एक ट्वीट में कमल ने कहा कि जो सरकार पैदल यात्रियों के जीवन की परवाह नहीं करती, वह ज्यादा दिनों तक पालकी में यात्रा नहीं कर सकती। बता दें कि यह बात यहां से करीब 500 किलोमीटर दूर कोयंबटूर में शुक्रवार को सड़क पर एक लकड़ी के ढांचे से टकराकर मौत का शिकार हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के संदर्भ में कही।
गौरतलब है कि लकड़ी का यह ढांचा अन्नाद्रमुक के संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में जश्न समारोह मनाने की तैयारियों के लिए इस्तेमाल किया गया था और इस लकड़ी के सजावटी ढांचे से टकराकर एक इंजीनियर की मौत हो गई थी। ये फिल्मजगत अपने विवादित बयानों से राजनितिक क्षेत्र में घुसना चाहते है और अपना काम समंभला नहीं जाता है। कुछ समय पहले कमल हासन ने फिल्म पद्मावती के पक्ष में भाजपा सरकार पर विरोध जताया था और उन्होंने हिन्दू संगठन पर निशान साधते हुआ तमिल के सप्ताहिक पत्रिका ‘आनंदा विकटन’ के लेख में कहा कि ” हिन्दू कैंपों में आंतकवाद घुस चूका है और दक्षिणपंथियों ने अब ताकत का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। अब हिन्दू का वजूद आंतकवाद है और कमल हसन ने करेल सरकार की प्रशंसा की।” उन्होंने आंतकवाद पर सवाल उठाकर करेल सरकार के सत्ता में आना चाहते है। 

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