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मामा के बेटी अर्थात अपनी बहन से निकाह हो इसके लिए छोड़ दिया बीबी को. एक और अक्षम्य अपराध…


तीन तलाक का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है, आए दिन कोई न कोई तीन तलाक का मामला सामने आ रहा है। तीन तलाक मुद्दे पर कोई ठोस कानून

नहीं होने पर पुलिस भी करवाई करने में अशक्षम है। ऐसा ही एक मामला फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना क्षेत्र का है, जहां एक पति ने ममेरी बहन से निकाह करने

के चकर में अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। चार दिन पूर्व पति द्वारा दिए गए तीन तलाक के बाद पीड़िता बुधवार को जब न्याय के लिए थाने पहुंची तो यहां से

उसे महिला थाने जाने को कहा गया।

जब पीड़िता महिला थाना पहुंची तो यहां से भी उसे भगा दिया गया।

पीड़िता का नाम रुकईया बेगम बताया जा रहा है और वह फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गेशनगर कि निवासी है। पीड़िता ने बताया कि मोहल्ले में

ही रहने वाले मुईनउद्दीन नामक युवक से उसके प्रेम संबंध हो गए थे। करीब दो वर्ष पूर्व दोनों परिवारिजनों की रजामंदी से निकाह कर लिया था। निकाह के दस

दिन बाद ही ससुरालवाले दस लाख रुपये की मांग करने लगे। लेकिन उसके पिता इस मांग को पूरी ना कर सके, जिसके बाद ससुराल वालों ने उसका उत्पीड़न शुरू

कर दिया।

इन सब के बाद वह अपने पति मुईनउद्दीन के साथ किराये के मकान में रहने लगी। पर मुईनउद्दीन का अपने परिवारिजनों के पास आना जाना बरकरार रहा। इसी

बीच मुईनउद्दीन एक लड़की से आए दिन फोन पर बात करने लगा। इसका विरोध पीड़िता ने किया तो दो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। पीड़िता का आरोप है

कि उसका शौहर मुईन अपनी ममेरी बहन से निकाह करना चाहता है। पीड़िता ने कहा कि चार दिन पूर्व पति मुईनउद्दीन शाम को घर पहुंचा।

उससे खाना खाने को कहा तो उसने मारपीट करते हुए तीन तलाक देकर घर से चला गया। वहीं, मामले में कोतवाल रसूलपुर मुनीष चंद्र का कहना है कि महिला

थाने आई थी। उसने तीन तलाक का मामला बताया लेकिन कानून न होने के कारण कार्रवाई नहीं की गई। दहेज उत्पीड़न का मामला महिला थाने में दर्ज होता है।

इसलिए महिला को महिला थाने भेज दिया गया था। यदि पीड़िता यहां पर तहरीर देगी तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।


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