11 बच्चों का बाप था मौलवी,, पहले बेटे की पत्नी से बनाये अबैध संबध फिर अपनी बीबी को दिया तीन तलाक

जहाँ एक तरफ सुप्रीम कोर्ट इस्लामिक कुरीति तीन तलाक को अवैध घोषित कर चुका है तथा अध्यादेश के बाद केंद्र की मोदी सरकार एक बार पुनः तीन तलाक के खिलाफ बिल को लोकसभा से पास करा चुकी है तो वहीं दूसरी तीन तलाक के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. तीन तलाक का एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आया है जहाँ एक मदरसे के मौलवी ने पहले अपने बेटे की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाये फिर अपनी बीबी को तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया. घर से बेघर होने के बाद पीडिता ने बहेड़ी कोतवाली में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई  है.

अर्जुमंद जाफ़री का कहना है कि उसका शौहर एक मदरसे का संचालक है. पीड़ित महिला के अनुसार, उसका निकाह 19 साल पहले सितारगंज के ग्राम बघोरी के रहने वाले सय्यद सिराज अहमद उर्फ़(मुन्ने मियाँ) से हुआ था. वह बहेड़ी की रहने वाली है. अर्जुमंद जाफ़री का कहना है कि जब सय्यद सिराज अहमद से उसका निकाह हुआ था, तब सय्यद सिराज अहमद को उसकी पहली बीवी से 8 बच्चे थे. उस बीवी की मौत हो गई थी, तो मेरे साथ निकाल पढ़ाया गया. लेकिन सिराज ने मेरे परिजनों से यह बात छिपाई कि उसके 8 बच्चे भी हैं. धोखा देकर मुझसे विवाह किया. फिर भी मैंने उन सभी बच्चों को सगी माँ जैसा ही प्यार दुलार किया.”

पीड़िता अर्जुमंद जाफ़री ने आगे बताया कि इस दौरान उसके भी तीन बच्चे हुए. पीड़िता ने बताया कि हमारे निकाह के कुछ वर्षों बाद मुझे पता चला कि सिराज के अन्य महिला से भी संबंध हैं. इसे लेकर हमारे बीच अनबन होने लगी. विरोध करने पर सिराज पीट देता था. अर्जुमंद जाफ़री कुछ समय पहले सिराज के बड़े बेटे का निकाह हो गया, तो सिराज ने बड़े बेटे की बीवी से भी अवैध संबंध बना लिए. मैंने उसका भी विरोध किया तो बुरी तरह पीटा. मैं उसे उस अवैध संबंध में बाधा लगी तो तीन तलाक कहकर घर से धक्के मारकर भगा दिया. पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर अपने लिए न्याय माँगा है.

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