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बीबी ने च्युंगम नहीं खाई तो कोर्ट में ही तीन तलाक देकर बोला राशिद- जाकर कह दे मोदी से

तीन तलाक अब कानूनन अपराध बन चुका है. कांग्रेस सहित संयुक्त विपक्ष के तमाम अड़ंगों तथा विरोध के बाद भी केंद्र की मोदी सरकार ने 30 जुलाई को लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी तीन तलाक क़ानून को पास करा लिया. तीन तलाक बिल के पास होने के बाद जहाँ मुस्लिम महिलाओं में खुशी की लहर है तो वहीं दूसरी तरफ इस्लामिक मजहबी कट्टरपंथी तीन तलाक बिल के पास होने के बाद भड़के हुए हैं तथा सीधे सीधे संविधान व कानून को चुनौती देते हुए नजर आ रहे हैं.

ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र से सामने आया है जहाँ राशिद नामक मजहबी कट्टरपंथी ने अपनी बीबी को इसलिए तीन तलाक दे दिया क्योंकि युसने च्युंगम खाने से इनकार कर दिया था. इससे भी अधिक आश्चर्य की बात ये है कि राशिद ने दीवानी न्यायालय में बीबी को तीन तलाक दिया है तथा भारत की न्यायपालिका को सीधी चुनौती दी है. तीन तलाक देने के बाद राशिद ने बीबी को चुनौती दे डाली कि जा मोदी से जाकर कह दे. महिला ने वजीरंगज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है.
वजीरगंज पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष एसबी पांडेय ने बताया कि इंदिरानगर के अमराई गांव की निवासी सिम्मी की शादी 2004 में सैयद राशिद से हुई थी. आरोप है कि निकाह के बाद से ही राशिद पत्‍नी पर दहेज का दबाव बनाता था. सिम्मी के अनुसार, फरवरी में उसने अपने शौहर सैय्यद राशिद के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया गया था. उसके मुताबिक, सोमवार को दीवानी अदालत में वे लोग वकील से मिलने के लिए गए थे. वहां उसका शौहर सैय्यद राशिद भी आया हुआ था.
अदालत परिसर में राशिद बीबी सिम्मी के पास पहुंचा और उसको चुइंगम खाने के लिए दी. सिम्मी के इनकार करने पर आरोपी राशिद जबर्दस्ती करने लगा. इसके बाद सिम्मी ने उसे झिड़क दिया. इसके बाद राशिद भड़क उठा और अदालत परिसर में वकील के सामने ही पत्‍नी को तलाक-तलाक-तलाक बोल दिया. इंस्पेक्टर पाण्डेय ने बताया कि सिम्मी की तरफ से पति राशिद के खिलाफ तहरीर दी गई थी जिसके आधार पर राशिद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
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