हिंदुत्व की चर्चा को भी साम्प्रदायिक बताने वाले लालू के बेटे ने तलाक की अर्जी में पत्नी पर हिन्दू संस्कारों से दूर होने का आरोप लगाया

6 महीने पहले ही ऐश्वर्या के साथ शादी करने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने न्यायालय में तलाक की अर्जी दायर की है. तेजप्रताप ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या पर हिन्दू संस्कारों से दूर होने का आरोप लगाया है. तेजप्रताप यादव उन्हीं लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं जिनके लिए हिंदुत्व की चर्चा करना भी सांप्रदायिक है तथा जिन्होंने श्रीराम के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी जी की रथयात्रा को रोक दिया था तथा उन्हें गिरफ्तार किया था.

तेजप्रताप का कहना है कि ऐश्वर्या मॉर्डन खयालात की लड़की है, जबकि मैं साधारण इंसान हूं. उनका ऐश्वर्या के साथ जिंदगी गुजारना नामुमकिन है. तेज प्रताप ने कहा कि दो राजनीतिक परिवारों के बीच हुए रिश्ते का वो एक मात्र मोहरा हैं. बहुत दिनों से बर्दाश्त कर रहा था, लेकिन अब ये घुटन भरी जिंदगी नहीं बर्दाश्त होती. उन्होने कहा कि इतना बड़ा फैसला काफी सोच समझ के लिया है. तेजप्रताप के तलाक के इस फैसले के बाद लालू परिवार में उथल पुथल मच गई है. ताजा अपडेट के अनुसार तेजप्रताप ने तलाक की अर्जी में 12 मई को शादी के बाद से लेकर एक सितंबर तक ऐश्वर्या के साथ अपने संबंधों में उतार-चढ़ाव का ब्योरा दिया है और मानसिक प्रताड़ना समेत कई तरह के आरोप लगाए हैं.

तेजप्रताप ने डीयू से पढ़ी-लिखी ऐश्वर्या पर पाश्चात्य सभ्यता के अनुकरण का आरोप लगाया है तथा कहा है कि वह हिन्दू संस्कारों से दूर हैं. ऐश्वर्या पर तेजप्रताप ने भाइयों से लड़ाने का आरोप भी लगाया है. अर्जी के मुताबिक ऐश्वर्या हमेशा तेजप्रताप स कहा करती थी कि तुम्हारा छोटा भाई तुमसे जलता है. दो जून को कहा कि तुम्हारे यहां सारे के सारे गंवार हैं. नौ जून और 11 जून को दोनों में झगड़ा हुआ. पानी फेंक दिया और मारपीट की. जुलाई और अगस्त में भी झगड़ा किया. अर्जी में कहा गया है कि ऐश्वर्या अदालती मामलों में फंसाने की धमकी भी देती है. कुछ आरोप ऐसे भी हैं, जिन्हें हम नारी सम्मान का ख्याल करते हुए प्रकाशित नहीं कर सकते हैं. तलाक के लिए तेजप्रताप की ओर से कोर्ट में तीन सेट में आवेदन दिए गए हैं. पहला हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13 (1)(1ए) जो तलाक के लिए है. दूसरा आवेदन धारा 14 (1) के तहत दिया गया है, जिसमें शादी के एक वर्ष के अंदर तलाक की मांग की गई है. इसमें तलाक के लिए पर्याप्त आधार भी तैयार किया गया है.

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