मुस्लिम सैलून वालों ने दलित हिन्दुओं के बाल काटने से इंकार किया.. ध्वस्त हुए ओवैसी व मायावती के दावे

पिछले कुछ समय से हमारे यहाँ तथाकथित बुद्धिजीवियों तथा वोट के सौदागरों द्वारा  “दलित मुस्लिम एकता” की बड़ी बड़ी बातें की जा रही हैं तथा “जय भीम जय मीम” के नारे बुलंद किये जा रहे हैं. कहने को तो ये नारा राजनैतिक है लेकिन इसका मुख्य लक्ष्य हिन्दू समुदाय में विघटन पैदा करना है. मुस्लिमों के स्वयंभू ठेकेदार AIMIM प्रमुख ओवैसी तथा दलितों की स्वघोषित ठेकेदार मायावती भी दलित-मुस्लिम एकता का नारा लगाते हुए नहीं थकतीं. इसके अलावा भीम आर्मी तथा मीम आर्मी नामक संगठन भी इसी राह पर हैं.

भाजपा सांसद का दावा- “सरकार की 54 जमीनें कब्जा कर बना ली गई मस्जिद” .. राजधानी दिल्ली का है ये हाल

लेकिन इस घटना के बाद न तो वहां भीम आर्मी दिखाई दी और न ही मीम आर्मी .. न तो वहां वो कथित दलित हितैषी नेता दिखाई दिए जो जय भीम-जय मीम के नारे की आड़ में हिन्दू समाज में जातिगत जहर खोलने की कोशिश करते हैं और न ही मायावती व असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना पर कुछ कहा बल्कि वहां पर दलितों के स्वाभिमान को बचाने के लिए उन हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे, जिनके खिलाफ भीम आर्मी जैसे कथित दलित हितैषी संगठन अभियान चलाते हैं.

80 साल की वृद्धा को भी नहीं छोड़ा चाँद ने.. हवस की आंधी में अब बच्चियों के बाद वृद्धाएं भी

मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के भोजपुर के गांव पीपलसाना का है जहाँ मुस्लिम सैलून वालों ने दलित(वाल्मीकि) हिन्दुओं के बाल काटने से इनकार कर दिया है. इसे लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों में रोष है. उन्होंने घटना की शिकायत जिलाधिकारी और एसएसपी से की है. मामला तूल पकड़ता देख अफसर भी हरकत में आ गए तो वही हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता भी दलित हिन्दुओं के समर्थन में आ गये तथा कहा कि वाल्मीकि समाज हिन्दू धर्म का गौरव है, इसलिए किसी भी हालात में वाल्मीकि समाज के स्वाभिमान को झुकने नहीं दिया जाएगा.

दीपावली पर जगमगाई थी अयोध्या, अब जन्माष्टमी में चमकेगी मथुरा.. योगीराज में धर्म का अभूतपूर्व सम्मान

मामला छह जुलाई को तब सामने आया जब पीपलसाना निवासी वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने एसओ भोजपुर का प्रार्थना पत्र देकर कहा कि गांव के हेयर ड्रेसर उनके बाल इसलिए नहीं काटते क्योंकि वह वाल्मीकि समाज से हैं. वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप था कि मुस्लिम सैलून वाले छुआछूत के आधार पर उनके बाल काटने तथा दाढ़ी काटने से इनकार कर देते हैं. हेयर ड्रेसर पर छुआ छूत का आरोप लगाते हुए इन युवकों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी.

जंतर मंतर जनसंसद के मंच पर भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कड़े जनसँख्या नियंत्रण कानून का समर्थन किया..

थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज इन युवकों ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायती पत्र दिए थे. मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो गुरुवार को एसडीएम सदर और सीओ ठाकुरद्वारा पहुंचे तथा मुस्लिम सैलून वालों को दोबारा ऐसा करने पर कार्यवाई की चेतावनी दी. जानकारी मिलने पर हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता भी भी पहुँच गये तथा वाल्मीकि समाज के लोगों को समर्थन की बात कही. हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कहा कि वाल्मीकि समाज के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है तथा वह हिन्दू सैलून में जाकर अपने बाल कटवाएं, सेविंग कराएं. उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज की इज्जत तथा स्वाभिमान को कभी कम नहीं होने देंगे.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

 

Share This Post